ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पोस्ट कर इस बात पर जोर दिया कि किसी भी वार्ता की प्रगति का आकलन केवल इस आधार पर किया जाना चाहिए कि इसमें शामिल पक्ष अपने वादों को कितनी गंभीरता से पूरा कर रहे हैं।
पेजेशकियान ने यह भी कहा कि वार्ता के बाहर दिए गए बयान या सार्वजनिक टिप्पणियां कभी-कभी माहौल में सुधार के बजाय वार्ता को कमजोर कर सकती हैं। उनके मुताबिक, अगर किसी समझौते की दिशा में प्रगति करनी है तो सभी पक्षों को जिम्मेदारी से काम करना होगा और सार्वजनिक बयानों से बचना होगा।
वार्ता की प्रभावशीलता सहमत दायित्वों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता और उनके सटीक कार्यान्वयन पर निर्भर करती है। इस पथ पर प्रगति स्वीकृत जिम्मेदारियों के व्यावहारिक पालन से मापी जाएगी। सहमत पाठ के बाहर के बयान वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते हैं।
– मसूद पेज़ेशकियान (@drpezeshkian) 23 जून, 2026
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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर तनाव है. हाल के दिनों में दोनों देशों के नेताओं और अधिकारियों की ओर से लगातार तीखे बयान आ रहे हैं. ऐसे माहौल में पेजेशकियान का यह संदेश बताता है कि ईरान बातचीत में गंभीरता, विश्वास और ठोस कार्रवाई को सबसे अधिक महत्व दे रहा है।
परमाणु हथियारों के संबंध में मसूद पेजेशकियान का बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हाल ही में परमाणु हथियारों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, लेकिन वह यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा. पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका की यह मांग नई नहीं है कि ईरान परमाणु बम न बनाए. उन्होंने कहा कि ईरान पहले भी यह कह चुका है और अब भी साफ कह रहा है कि उसका परमाणु बम बनाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान इसकी लिखित पुष्टि भी करने को तैयार है.
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