सोमवार (जुलाई 20, 2026) को राजधानी दिल्ली में संसद भवन तक मार्च के दौरान लाठीचार्ज से कई युवा और छात्र घायल हो गए। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के इस मार्च को एक तरफ जहां विपक्ष का समर्थन मिला, वहीं दूसरी तरफ लाठीचार्ज का भी विपक्षी दलों ने जमकर विरोध किया. इस बीच कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार (कन्हैया कुमार) पीएम मोदी (पीएम मोदी) हमला निशाना बनाकर किया गया है.
मंगलवार को कन्हैया कुमार ने पोस्ट करते हुए
दिल्ली में जिस बेरहमी से बच्चों को मारा गया है, उसे देखकर मुझे लगता है कि काश मोदीजी पिता होते, तो क्या हर दिन आत्महत्याएं हो रही होती, स्कूल बंद हो रहे होते, पेपर लीक हो रहे होते, क्या उन्हें कोई फर्क पड़ता?
-कन्हैया कुमार (@kanhaayakumar) 21 जुलाई, 2026
इससे पहले सोमवार को भी कन्हैया कुमार ने लाठीचार्ज को लेकर मोदी सरकार को घेरा था. सोमवार को अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “मोदी सरकार अहंकार से भरी हुई है. आज जिस बेशर्मी और क्रूरता के साथ निर्दोष, निहत्थे, न्याय चाहने वाले छात्रों पर लाठियां और आंसू गैस के गोले छोड़े गए, वह इस बात का सबूत है कि यह सरकार शिक्षा और युवा विरोधी है. प्रधानमंत्री की चुप्पी कायरतापूर्ण और शर्मनाक है.”
यह भी पढ़ें- बिहार बाढ़ समाचार: सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, निरीक्षण करने पहुंचे डीएम, क्या है अपडेट?
रोहिणी ने इस्तीफा स्वीकार न करने पर उठाए सवाल
वहीं, इस पूरे मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सवाल उठाए हैं. मंगलवार को उन्होंने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने के मुद्दे पर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘प्रधानमंत्री… आश्चर्य की बात है कि आप निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज करने और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़ने में जरा भी नहीं हिचकिचा रहे हैं या देरी कर रहे हैं, लेकिन अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने में आप घबरा रहे हैं और झिझक रहे हैं…! प्रधानमंत्री… देश आपसे जानना चाहता है कि शिक्षा मंत्री से जवाब मांगने के बजाय, शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराकर उनका इस्तीफा किस कारण से लिया जाए. क्या आप परहेज़ कर रहे हैं, परहेज़ कर रहे हैं?”
ये भी पढ़ें- क्या खान साहब के ‘जीजाजी’ वाले बयान पर होगा एक्शन? बीजेपी को आया गुस्सा, पार्टी विधायक बोले- ‘बिहार में…’






Leave a Reply