बीसीसीआई के इंजरी मैनेजमेंट की खुली पोल, हर सीरीज में चोटिल हो रहे खिलाड़ी! पुनर्प्राप्ति विफल, COE पर प्रश्न

टीम इंडिया के मिशन वर्ल्ड कप में अब एक साल और कुछ महीने बचे हैं, लेकिन ये कहना मुश्किल है कि मुख्य खिलाड़ी क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए फिट हो पाएंगे या नहीं. इंग्लैंड में वनडे सीरीज हारने के बाद भारतीय कप्तान शुबमन गिल ने खिलाड़ियों की फिटनेस पर चिंता जताई थी.

इंग्लैंड सीरीज से फिटनेस पर सवाल

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज में टीम इंडिया के टॉप खिलाड़ी चोट के जाल में फंसते नजर आए. इनमें सिर्फ तेज गेंदबाज ही नहीं बल्कि स्पिनर भी शामिल थे. चोट के बाद वापसी करने वाले तेज गेंदबाज हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे, जबकि ब्रिटेन के इस दौरे पर हर्षित ने घुटने की चोट से वापसी की थी.

यही हाल वरुण चक्रवर्ती का भी था. वरुण इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मैच में चोटिल हो गए और सीरीज से बाहर हो गए. बाद में वरुण को जिम्बाब्वे दौरे से भी छुट्टी दे दी गई. टीम इंडिया के ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में चोटिल हो गए. सुंदर हैमस्ट्रिंग चोट के कारण तीसरे वनडे से बाहर हो गए थे. वहीं, तेज गेंदबाज जसप्रित बुमरा चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी मैच में नहीं खेल सके।

अफगानिस्तान सीरीज से पहले चोट

ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को इस साल जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए चुना गया था. हार्दिक को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से क्लीन चिट भी मिल गई, लेकिन अगले ही दिन वह पीठ दर्द के कारण टीम से बाहर हो गए और अभी भी बाहर हैं।

इससे पहले आईपीएल के दौरान टीम इंडिया के सबसे फिट खिलाड़ी विराट कोहली भी हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हो गए थे और अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हो गए थे. हालांकि, रोहित शर्मा को सीओई से क्लीन चिट मिल गई और वह अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरे। रोहित आईपीएल के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी से भी परेशान थे.

अफगान सीरीज में चोट

अफगानिस्तान सीरीज के तीसरे वनडे में टीम इंडिया के ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी मांसपेशियों में दर्द के कारण चोटिल हो गए और इसके बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया. नीतीश की जगह ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को शामिल किया गया. नीतीश के चोटिल होने का सिलसिला जारी है.

COE पर उठे सवाल

जिस तरह से टीम के खिलाड़ी लगातार चोटिल हो रहे हैं, उससे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर क्या वजह है कि विश्वस्तरीय सुविधाएं होने के बावजूद सीओई का मेडिकल स्टाफ खिलाड़ियों की चोटों का ठीक से प्रबंधन नहीं कर पा रहा है. क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी युवा खिलाड़ी अगली सीरीज में कैसे चोटिल हो रहे हैं?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि चोट की सूची में शामिल ज्यादातर खिलाड़ी युवा हैं. खास बात यह है कि ज्यादातर खिलाड़ी हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हो रहे हैं. इसके बावजूद सीओई में कोई ऐसा तंत्र क्यों नहीं लाया जा रहा है जिससे खिलाड़ियों की चोटों पर नज़र रखी जा सके? साफ है कि अगर चोट का दौर ऐसे ही जारी रहा तो मिशन वर्ल्ड कप खतरे में पड़ सकता है.

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