दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार (23 जुलाई) को दिल्ली नगर परिषद की ओर से आदेश जारी किया गया कि कनॉट प्लेस के सभी दफ्तर, रेस्तरां या दुकानें 23 जुलाई शाम 6:30 बजे तक बंद कर दी जाएं. हालांकि यह आदेश सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था, लेकिन अब इस आदेश पर राजनीति शुरू हो गई है. इस पर राजद की प्रतिक्रिया आयी है.
‘अभी भी वक्त है…सतर्क हो जाइए’
राजद सांसद मनोज झा ने कहा, “अगर आप ऐसे माध्यमों से छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी बर्बर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं, तो हमारी सभी को सलाह है कि अभी भी समय है… सतर्क रहें। अब यह प्रतिरोध अपने स्वाभाविक रूप में हमारे सामने मौजूद है। संवाद स्थापित करें, विवाद आपकी राजनीति का मृत्युलेख लिखने की क्षमता रखता है। जय हिंद!”
अगर आप ऐसे माध्यमों से छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई बर्बर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं, तो हमारी सभी को सलाह है कि अब भी समय है…सतर्क हो जायें. अब यह प्रतिरोध अपने स्वाभाविक रूप में हमारे सामने उपस्थित है। संवाद स्थापित करें, विवाद आपकी राजनीति का मृत्युलेख लिखने की क्षमता रखता है। जय हिन्द pic.twitter.com/rqzJP4fFFx
– मनोज कुमार झा (@manojkjhdu) 23 जुलाई, 2026
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से शाम 5 बजे के बाद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर छोड़कर कनॉट प्लेस की ओर जाने की कोशिश करते हैं. कनॉट प्लेस के आसपास खूब हंगामा हो रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त निर्णय लिया गया है. फिलहाल इस पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं जारी हैं.
यह भी पढ़ें- फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान होते ही गिरिराज सिंह ने बोला जोरदार हमला, कांग्रेस, सपा और AAP पर साधा निशाना
नैतिक जिम्मेदारी तय हो : वीआइपी
उधर, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता देव ज्योति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है और कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे इस्तीफा नहीं ले सकते तो प्रधानमंत्री को खुद नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार विवादों और अव्यवस्थाओं से घिरी हुई है, लेकिन केंद्र सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है.
देव ज्योति ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों पर केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है. आरोप लगाया कि परीक्षाओं में अनियमितता, छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों के बावजूद सरकार जवाबदेही तय नहीं कर रही है.
यह भी पढ़ें- फास्ट ट्रैक कोर्ट के बीच रोहिणी आचार्य ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, ‘अभी तक शिक्षा मंत्री…’






Leave a Reply