जहानाबाद में छात्रों के आंदोलन के दौरान पथराव, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर की फायरिंग

बिहार के जहानाबाद में छात्र आंदोलन हुआ. सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की. प्रदर्शनकारियों पर पथराव का आरोप है. डीएम आवास पर पथराव का भी आरोप है. आपको बता दें कि बिहार के कई जिलों में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. दोपहर करीब दो बजे डीएम कार्यालय का घेराव करने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

पटना में पुलिस ने छात्रों को खदेड़ा

पेपर लीक को लेकर बिहार की राजधानी पटना में भी विरोध प्रदर्शन हुआ. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है. यहां पुलिस ने छात्रों को खदेड़ दिया.

बेगुसराय में भी छात्रों का आंदोलन

दोपहर करीब एक बजे बेगुसराय जिले में पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन हुआ. जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले हजारों छात्रों ने लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया.

मुंगेर में छात्रों ने जुलूस निकाला

मुंगेर में भी छात्रों ने उग्र प्रदर्शन और जुलूस निकाला. इसके विरोध में प्रदर्शनकारी केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए बैनर होर्डिंग्स को फाड़ते नजर आए.

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विधानसभा में पक्ष और विपक्ष के बीच झड़प

वहीं, बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को पटना में छात्रों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में बैनर-पोस्टर के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया. उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और सरकार की कार्यशैली के खिलाफ नारे लगाये.

सरकार युवाओं-विपक्ष की आवाज दबा रही है

विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है और उनके मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है. राजद विधायक बोगो सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में ‘तानाशाही’ चल रही है और सरकार को न तो जनता की चिंता है और न ही युवाओं की. इसके बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इस बीच, सत्ता पक्ष के विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने बुधवार को पटना में प्रदर्शन के दौरान उनकी गाड़ी पर हुए हमले का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, मेरी गाड़ी डाकबंगला चौराहे पर खड़ी थी. सैकड़ों की संख्या में हमलावर आये और गाड़ी पर हमला कर दिया.

श्याम बाबू यादव के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. दोनों दलों के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे. स्पीकर प्रेम कुमार सदस्यों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील करते रहे, लेकिन हंगामा नहीं रुका. इसके बाद उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

मंत्री ने कहा कि राजद और कांग्रेस नेताओं की शह पर अशांति हुई.

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को आंदोलन करने और अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन बुधवार को पटना में जो घटनाएं हुईं, वह छात्रों का आंदोलन नहीं बल्कि राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित गतिविधियां थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस नेताओं की शह पर अशांति फैलायी गयी.

उन्होंने कहा कि पत्रकारों, पुलिसकर्मियों, आम लोगों और जन प्रतिनिधियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जायेगी. दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जायेगा. श्रवण कुमार ने यह भी कहा कि पढ़ने वाले छात्र ऐसी हिंसक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत और समाधान में विश्वास रखती है, लेकिन हिंसा और अशांति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.

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