अपने करीबी चीन को मिसाइलों से निशाना बना रहा ईरान, IRGC ने कहा- देंगे सजा

ईरान के मिसाइल हमले में कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाया गया है. कुवैत की सेना के मुताबिक, हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (30 जुलाई 2026) को इस संबंध में एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान के हमले में देश के उत्तरी हिस्से में स्थित एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई.

रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओताबी ने कहा कि हमले से इमारत को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने घटना से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाना शुरू कर दिया है.

अल-ओताबी ने कहा कि कुवैती सशस्त्र बल उच्च दक्षता के साथ अपने मिशन और कर्तव्यों का निर्वहन करना जारी रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘देश की संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही, संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करके देश के नागरिकों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

वहीं, मिस्र के डेमिएटा बंदरगाह में आग लगने से भारी नुकसान की खबर है. बुधवार (29 जुलाई) रात बंदरगाह पर हुए हमले में दो जहाजों में आग लगा दी गई. सरकार ने गुरुवार को कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आग का कारण ड्रोन हमला था. इस हमले के पीछे ईरान का हाथ माना जा रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया कि इस हमले का मकसद यह दिखाना था कि अगर ईरान ने संघर्ष को और बढ़ाया तो इसका दुनिया की समुद्री शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

इस बीच अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के दस से ज्यादा शहरों में भारी बमबारी की. यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, उनके निशाने पर दर्जनों इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकाने थे। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया है. अमेरिकी हवाई हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया है. फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा, ‘भगवान की मदद से हमलावर को आज सजा मिल जाएगी.’

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