एक दशक पुराने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने न केवल लेनदेन के एक लोकप्रिय माध्यम के रूप में खुद को स्थापित किया है, बल्कि यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ भी बन गया है। 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर शून्य शुल्क निर्धारित करने का केंद्र सरकार का निर्णय आश्वासन प्रदान करता है। 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4% की मर्चेंट डिस्काउंट दर (एमडीआर) शुरू की गई है। यह केवल व्यक्ति-से-व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा, जबकि व्यक्ति-से-व्यक्ति हस्तांतरण अछूता रहेगा।
