केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से क्लिनिकल प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य सेवा शुल्क को प्रमुखता से प्रदर्शित करने को सुनिश्चित करने को कहा है। यह अधिक पारदर्शी और रोगी-अनुकूल प्रणाली बनाने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है। चिकित्सा उपचार चाहने वाले लोग अक्सर खर्चों के बारे में गलत जानकारी रखते हैं। परामर्श शुल्क, नैदानिक परीक्षण, प्रक्रियाओं और अस्पताल सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी उन्हें सूचित निर्णय लेने और अप्रत्याशित वित्तीय बोझ से बचने में मदद कर सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मुख्य सचिवों से लागू नियमों के अनुपालन की समीक्षा करने का आग्रह किया है। क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010, और क्लिनिकल प्रतिष्ठान (केंद्र सरकार) नियम, 2012 के तहत अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों को अंग्रेजी और स्थानीय भाषा दोनों में विशिष्ट स्थानों पर सेवा दरें और सुविधा शुल्क प्रदर्शित करने की आवश्यकता होती है।
