- ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान समझौते से हट भी जाता है तो उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है.
पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष खत्म नहीं हो रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना पिछले आठ रातों से लगातार ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर हमले कर रही है. अमेरिकी सेना के इन लगातार हमलों से गुस्साए ईरान ने अमेरिका के साथ शांति समझौते को नहीं मानने का फैसला किया है, जिस पर हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
ईरान के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा??
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (जुलाई 18, 2026) को अमेरिकी केबल नेटवर्क न्यूज नेशन को दिए एक फोन इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (एमओयू) को स्वीकार नहीं करने के तेहरान के फैसले की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस युद्ध में अमेरिका की प्राथमिकता ईरान को परमाणु शक्ति हासिल करने से रोकना है.
दरअसल, इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि क्या ईरान ने पिछले महीने अमेरिका के साथ हुए अंतरिम शांति समझौते का पालन नहीं करने का फैसला किया है, इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मुझे इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं है, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि इस युद्ध में वाशिंगटन का सबसे बड़ा उद्देश्य ईरान को कभी भी परमाणु शक्ति हासिल करने से रोकना है.’
युद्ध शुरू होने के लगभग चार महीने बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये
मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल के साथ ईरान के युद्ध शुरू होने के लगभग चार महीने बाद, जून में वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक अंतरिम शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करना और शांति बहाल करना था, लेकिन यह समझौता दोनों पक्षों के बीच प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सका और अमेरिका और ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ एक-दूसरे के ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: ‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं’, ईरान-अमेरिका के बीच एमओयू टूटने पर भड़के मुजतबा खामेनेई






Leave a Reply