ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सर डॉन ब्रैडमैन ने एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था. ब्रैडमैन ने साल (1936-1937) तक ये बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था. उस समय इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी. ब्रैडमैन के लिए यह सीरीज उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों की परीक्षा थी. इस सीरीज में उन्होंने इंग्लैंड टीम की धज्जियां उड़ा दी थीं. ब्रैडमैन ने 9 पारियों में 90.00 की औसत से 810 रन बनाए।
इस बीच उनका स्ट्राइक रेट 65.48 का रहा. साथ ही उन्होंने इस सीरीज में 62 चौके भी लगाए. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में उनके नाम 3 शतक और 1 अर्धशतक भी था. उनका उच्चतम स्कोर 270 रन था. इस दौरान वह दो बार शून्य पर आउट हुए, लेकिन उनकी ऐतिहासिक पारी ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था. यह टेस्ट मैचों के इतिहास में किसी कप्तान द्वारा एक सीरीज में बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं।
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शुबमन गिल का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 269 रन रहा
इसके बाद साल 2025 में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर थी. दोनों टीमों के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी खेली जा रही थी. भारत की ओर से युवा बल्लेबाज शुबमन गिल ने बतौर कप्तान इंग्लैंड की तेज पिचों पर सबसे ज्यादा रन बनाए. उन्होंने 5 मैचों की 10 पारियों में 754 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 75.40 और स्ट्राइक रेट 65.56 रहा. कप्तान गिल ने इस सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की और 4 शतक लगाए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 269 रन था.
इस सीरीज में गिल एक बार भी बिना खाता खोले आउट नहीं हुए और उन्होंने अपने बल्ले से 85 चौके और 12 छक्के लगाए. उन्होंने आधुनिक क्रिकेट में कप्तानी और बल्लेबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया.
ग्राहम गूच ने 752 रन बनाए
1990 में जब टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर गई तो इंग्लैंड टीम के कप्तान ग्राहम गूच एक अलग ही मूड में नजर आए. दोनों देशों के बीच सीरीज सिर्फ 3 मैचों की थी, लेकिन कप्तान गूच ने सिर्फ 6 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 752 रन बनाए. इस बीच उनका औसत 125.33 का रहा, जो हर बल्लेबाज के लिए एक सपना होता है. इसी सीरीज में गूच ने लॉर्ड्स में 333 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी. उन्होंने 62.09 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए जिसमें 3 शतक और 2 अर्धशतक उनके बल्ले से निकले. वह समय आज भी भारतीय गेंदबाजों के जेहन में ताजा है जब उन्होंने अपनी पारी में 89 चौके और 7 छक्के लगाए थे.
डेविड गौर के बल्ले से 732 रन निकले.
1985 की एशेज सीरीज में इंग्लैंड के कप्तान डेविड गॉवर ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी. उन्होंने 6 मैचों की 9 पारियों में 732 रन बनाए। इस बीच उनका औसत 81.33 और स्ट्राइक रेट 61.20 रहा. इस सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 215 रन था. गावर ने पारी में कुल 3 शतक और 1 अर्धशतक लगाया था. उन्होंने अपनी पारी में 89 कलात्मक चौके और केवल 1 छक्का लगाया। इंग्लैंड के कप्तान गॉवर द्वारा खेली गई ऐतिहासिक पारी की बदौलत इंग्लैंड ने एशेज पर अपना दबाव बनाए रखा.
सुनील गावस्कर का उच्चतम स्कोर 205 रन था.
साल 1978-79 के बीच वेस्टइंडीज की टीम भारतीय दौरे पर आई थी. भारतीय दिग्गज कप्तान सुनील गावस्कर के सामने दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों की चुनौती थी. गावस्कर ने 6 मैचों की 9 पारियों में एक बार नाबाद रहते हुए 732 रन बनाए थे. उन्होंने सीरीज में 91.50 की औसत से 4 शतक और 1 अर्धशतक लगाया, जिसमें गावस्कर का उच्चतम स्कोर 205 रन था. आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने कम से कम 476 गेंदों का सामना किया और 65 से ज्यादा चौके और 4 छक्के लगाए. वेस्टइंडीज के खतरनाक गेंदबाजों के खिलाफ इतनी ऐतिहासिक पारी खेलना गावस्कर के फौलादी इरादों को दर्शाता है.
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