नई दिल्ली: सरकार ने शनिवार को डीजल और जेट ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ा दिया, जबकि 31 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोल पर लेवी को घटाकर शून्य कर दिया।घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, डीजल निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) की दर 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि एटीएफ निर्यात पर इसे 10.5 रुपये प्रति लीटर से मामूली बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। अगले पखवाड़े के लिए पेट्रोल निर्यात पर शुल्क 2.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है।पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी बिक्री को हतोत्साहित करके पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित कर – जिसमें एसएईडी और सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर शामिल है – 27 मार्च को पेश किया गया था। दरें पिछली समीक्षा के बाद से प्रचलित कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों से निर्धारित होती हैं।
