केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिहार बीजेपी नेता निखिल आनंद ने बड़ा बयान दिया है. बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निखिल आनंद ने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन तो महज एक बहाना था, लेकिन असल में भारत के ओबीसी समुदाय के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. वर्तमान में एक ओबीसी समुदाय के शिक्षा मंत्री की बलि चढ़ गयी है.
निखिल आनंद ने विपक्ष पर हमला बोला
निखिल आनंद ने बयान जारी कर कहा कि भारत के सभी लोगों को देश विरोधी और सनातन-हिंदू विरोधी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि यह दुखद है कि सड़कों पर लोकतंत्र की बात करने वाले लोग डर के मारे संसद में संवाद और चर्चा से भाग रहे हैं.
बीजेपी नेता ने कहा कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन सीएए-एनआरसी के विरोध में शाहीनबाग और सिंधु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का तीसरा चरण था. इस राजनीति में सभी वामपंथी पार्टियां, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और भारत गठबंधन की सभी पार्टियां शामिल हैं.
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शातिर राजनीति को समझने की अपील
निखिल ने भारत की जनता को सावधान करते हुए अपील की कि सभी देशवासियों को इस कुत्सित राजनीति को समझना होगा. भले ही शिक्षा का प्रश्न उठाया गया हो, उद्देश्य राष्ट्रविरोधी और सनातन हिंदू विरोधी राजनीति स्थापित करना है।
वहीं, इस्तीफे पर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दुखद है. उन्होंने देश को बहुत कुछ दिया है… उन्होंने राष्ट्रहित और छात्र हित के लिए हर स्तर पर प्रयास किया है. आज वह शिक्षा मंत्री के पद पर नहीं हैं, यह दुखद है…”
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