पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है. 30 जुलाई को होने वाले मतदान में अब सिर्फ एक हफ्ते का समय बचा है. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है. इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री और कायस्थ समाज के प्रमुख नेता ऋतुराज सिन्हा ने चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बाहरी-स्थानीय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता को तय करना है कि बांकीपुर का विधायक बाहरी व्यक्ति बनेगा या बांकीपुर का बेटा.
गुरुवार (23 जुलाई) को ऋतुराज सिन्हा ने करबिगहिया और चांदपुर बेला इलाके में जनसभाओं को संबोधित किया. अपने पूरे संबोधन के दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, “प्रशांत किशोर अहंकार में रहते हैं, वह अहंकारी हैं। हम जनता के बीच वोट मांगने जाते हैं। पीएम मोदी भी जनता के बीच जाते हैं तो हमें सलाम करते हैं, लेकिन वह कह रहे हैं कि जिन्होंने 2025 में गलती नहीं की, उन्हें इस चुनाव में वही गलती नहीं करनी चाहिए। अब वह बताएं कि वह जनता से वोट मांग रहे हैं या अपनी गलतियों का हिसाब ले रहे हैं।”
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‘बांकीपुर को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश’
ऋतुराज सिन्हा ने आगे कहा कि प्रशांत किशोर दूसरे नेताओं को चुनाव जिताने के लिए सालों से रणनीति बना रहे हैं, लेकिन अब वह बांकीपुर को अपनी राजनीतिक प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, “बांकीपुर की जनता किसी सलाहकार के प्रयोग का हिस्सा नहीं बनेगी. चुनाव किसी राजनीतिक प्रयोग या किसी व्यक्ति की महत्वाकांक्षा का नहीं है, बल्कि बांकीपुर के विकास और लोगों के विश्वास का चुनाव है.”
उन्होंने कहा कि जनता ऐसे प्रतिनिधि को चुनेगी जो न सिर्फ चुनाव के दौरान बल्कि हर दिन जनता के बीच रहेगा और उनके सुख-दुख में शामिल होगा.
बीजेपी नेता ने अपने संबोधन में कहा, “बांकीपुर को सलाहकार की नहीं, बल्कि सेवादार की जरूरत है. रणनीतिकार चुनाव के गणित को समझता है, लेकिन सेवादार जनता का विश्वास जीतता है. बांकीपुर की जागरूक जनता इस अंतर को अच्छी तरह से समझती है और राजनीतिक कथानक के आधार पर नहीं बल्कि सेवा और काम के आधार पर अपना फैसला लेगी. जनता को सलाह देने वाले तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन जनता के बीच रहकर सेवा करने वाले ही उनका विश्वास जीत पाते हैं.”
बीजेपी के लिए प्रतिष्ठित सीट, मुकाबला दिलचस्प
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. यह सीट 1995 से लगातार बीजेपी के पास है. नितिन नववर्ष 2006 से यहां के विधायक हैं.
जातीय समीकरण की बात करें तो यह क्षेत्र कायस्थ बहुल माना जाता है, जहां करीब 14 से 15 फीसदी मतदाता कायस्थ समाज से आते हैं. इसी वजह से बीजेपी ने अपने कई बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार में उतार दिया है.
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वहीं प्रशांत किशोर भी इस सीट को जीतने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, यहां 25 फीसदी से ज्यादा एमवाई (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक भी माना जाता है, जो परंपरागत रूप से राजद के पक्ष में रहा है. इसके बावजूद चुनाव प्रचार में बीजेपी नेताओं का फोकस राजद से ज्यादा प्रशांत किशोर पर नजर आ रहा है. इससे साफ है कि बांकीपुर उपचुनाव अब सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता जा रहा है.






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