भोजपुर के चर्चित भारत भूषण तिवारी मौत मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) ने अहम अंतरिम आदेश जारी किया है. आयोग ने बिहार सरकार को मृतक के माता-पिता को उचित अनुग्रह (अंतरिम) मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह राहत मानवीय आधार पर दी जा रही है ताकि पीड़ित परिवार को तत्काल कुछ सहायता मिल सके.
आयोग के समक्ष पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत भूषण तिवारी की मौत गोली लगने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव और सदमे के कारण हुई। इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि मौत की वजह गोली लगना है. हालांकि, आयोग ने कहा कि मामले की पूरी जांच अभी जारी है, इसलिए अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
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सरकार को जवाब देने के लिए और समय मिल गया
सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आयोग से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा. आयोग ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। अब सरकार को तय समय के भीतर मामले से जुड़ा पूरा जवाब और जांच की प्रगति आयोग के सामने पेश करनी होगी.
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि जांच पूरी होने से पहले कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा. ऐसा करने से जांच प्रभावित हो सकती है. इसलिए सभी तथ्यों के सामने आने का इंतजार करना चाहिए, ताकि मामले का फैसला निष्पक्ष तरीके से हो सके.
मानवाधिकार कानून का हवाला दिया
आयोग ने अपने आदेश में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 18 (सी) का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को अंतरिम राहत प्रदान करने की सिफारिश की जाती है.
यह भी स्पष्ट किया गया कि अंतरिम मुआवजा देने का मतलब यह नहीं है कि राज्य सरकार ने अपनी कानूनी जिम्मेदारी या किसी प्रकार की गलती स्वीकार कर ली है.
अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी
आयोग ने कहा कि इस मामले में पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच भी चल रही है. मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी. तब तक बिहार सरकार को आयोग के समक्ष अपना विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर आयोग अगला फैसला लेगा.
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