बुधवार (जुलाई 22, 2026) को राजधानी पटना में विरोध मार्च के दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई। दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गये. अब इस घटना को लेकर बीजेपी की ओर से पाटलिपुत्र थाने में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है. इसमें बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू समेत 12 लोग नामांकित हैं.
बिहार बीजेपी की ओर से जिला अध्यक्ष (बीजेपी, पटना महानगर) रूपनारायण मेहता ने थाने में आवेदन दिया है. उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि एक साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया है. उन्होंने बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, मनीष कुमार यादव (पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, पटना यूनिवर्सिटी), अमित कुमार टुन्ना (पूर्व विधायक), अमर आजाद, प्रेमचंद्र सिंह, अमर प्रकाश, नीतीश सिंह, नारायण, भोला यादव, अभिषेक रंजन, शाश्वत शेखर और शशांक शेखर को नामजद करते हुए अन्य पर हमला करने का आरोप लगाया है.
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‘हिंसा का केंद्र बना कांग्रेस कार्यालय’
घटना के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता ने पहले प्रधानमंत्री आवास पर जाकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया और फिर पटना में कांग्रेस कार्यालय को हिंसा का केंद्र बनाया. शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के हाथों में सिर्फ पार्टी के झंडे थे, लेकिन कांग्रेस कार्यालय के अंदर पहले से ही पत्थर, लाठी-डंडे और उपद्रवी तत्व जुटे हुए थे.
बताया कि कांग्रेस के इस हमले में शशि आनंद, जीतेंद्र सिंह, उपेन्द्र कुमार सिंह, अभिषेक आनंद, ऋषभ नारायण, बलराम मंडल, सनोज कुमार, जितेश गुंजन, राजू गुप्ता, रामाकांत, आनंद मधुकर, विशाल कुमार, राकेश कुमार, अमित पांडे, अभिषेक सिंह, शंभू केसरी, दिवाकर शर्मा, सोचित कुशवाहा, विकास कुमार, अभिषेक कुमार, प्रशांत शेखर, मुन्ना सिंह, सूरज कुमार, सुनील कुमार महतो, मनोहर कुमार सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता घायल हो गये हैं.
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