- इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करना था।
मध्य पूर्व में एक बार फिर अमेरिका के साथ बढ़ते संघर्ष और तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को बड़ा दावा किया है। आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने इराक की सीमा से लगे खुज़ेस्तान क्षेत्र के शहर अहवाज़ में एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को रोका और मार गिराया है। आईआरजीसी ने यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया के जरिए साझा की है.
ईरान की ओर से यह दावा ऐसे समय में किया गया है जब अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कई ईरानी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है. यह हमला अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी क्षेत्र में तेहरान का समर्थन करने वाली सुविधाओं के खिलाफ पिछली आठ रातों से जारी निरंतर अभियान का हिस्सा है।
आईआरजीसी ने अहवाज़ के ऊपर अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया
ईरान के आईआरजीसी ने अहवाज़ के आसमान में आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की एक नई उन्नत वायु रक्षा प्रणाली की आग का उपयोग करके कुछ घंटे पहले एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया था। pic.twitter.com/2Q4SaKRTFi
– तस्नीम न्यूज़ एजेंसी (@Tasnimnews_EN) 19 जुलाई, 2026
कितना ताकतवर है अमेरिका का MQ-9 ड्रोन??
अमेरिकी वायु सेना द्वारा ड्रोन के बारे में साझा की गई जानकारी के अनुसार, एमक्यू-9 एक बहुत बड़ा, रिमोट-नियंत्रित मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) है, जिसे मुख्य रूप से खुफिया, निगरानी, टोही और हवाई हमलों को अंजाम देने जैसे मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ईरानी ठिकानों पर हमले के बाद सेंटकॉम ने क्या कहा??
सेंटकॉम की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बयान में कहा गया है, ‘कमांडर इन चीफ (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) के निर्देशों का पालन करते हुए यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बार फिर शनिवार (18 जुलाई) रात 11:30 बजे ईटी पर ईरान के खिलाफ हमले किए हैं।’
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– यूएस सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) 19 जुलाई, 2026
CENTCOM ने आगे कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अधिकृत ये सैन्य हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को धमकी देने की ईरान की क्षमता को और कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए थे, जिसमें अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई ईरानी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था। इन हमलों के पीछे मुख्य उद्देश्य ईरान की सेना की ताकत और क्षमताओं को पूरी तरह से कमजोर करना था।
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