बिहार के मधुबनी में कोर्ट के आदेश पर हस्तक्षेप करने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम के सामने एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया. स्थिति बिगड़ती देख अंचलाधिकारी (सीओ) अभिषेक आनंद और अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचायी. हालाँकि, अदालत के आदेश पर हस्तक्षेप के लिए नियुक्त आयुक्त रत्नाकर झा भीड़ के हाथों में पड़ गये। भीड़ ने कोर्ट कमिश्नर को बंधक बनाकर पीटा है.
दरअसल, यह पूरा मामला दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद से जुड़ा है. पहला पक्ष (पीड़ित) राजेंद्र ठाकुर था, जिसने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली. उनका (पीड़ित परिवार का) दावा है कि इस जमीन को लेकर उन्हें पहले भी दो बार कोर्ट का फैसला मिल चुका है. जबकि दूसरा पक्ष महेंद्र यादव हैं, जिनके पक्ष में कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया था.
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पीड़ित ने विपक्षियों पर आग लगाने का आरोप लगाया है।
इसी आदेश के आलोक में प्रशासन आज जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा था. घटना के बाद पीड़ित के बेटे बलराम ठाकुर ने विरोधी पक्ष पर आग लगाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि यह हमारी जमीन है, इससे पहले भी कई बार हम इस पर डिग्री ले चुके हैं. लेकिन इस बार विपक्षियों ने पैसे के बल पर पुलिस, प्रशासन और कोर्ट की सत्ता पर कब्जा कर लिया और जमीन पर कब्जा करने आ गये. जब मेरे पिता दवा लेने घर गये तो विपक्षी लोगों ने मेरे पिता को आग लगा दी.
डॉक्टर ने क्या कहा, आग में जलने के बाद कैसी है हालत?
आग में आत्महत्या करने की कोशिश में बुरी तरह झुलसे बुजुर्ग राजेंद्र ठाकुर को आनन-फानन में जिरौल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेनीपट्टी के अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल के डॉक्टर संदीप कुमार गुप्ता के मुताबिक बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें बड़े अस्पताल में रेफर करने की तैयारी चल रही है. देर शाम तक पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए मधुबनी के सदर अस्पताल से डीएमसीएच रेफर कर दिया गया था और सभी लोग पीड़िता को भेजने की तैयारी में जुटे थे.
घटना के बाद कैसा है माहौल?
बुजुर्ग के आत्महत्या का प्रयास करने की घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बेनीपट्टी डीएसपी अमित कुमार, बेनीपट्टी एसडीओ शारंग पाणि पांडे और सर्किल इंस्पेक्टर नीरज कुमार वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. फिलहाल अधवारी गांव में तनावपूर्ण शांति है और एहतियात के तौर पर आसपास के कई थानों की पुलिस वहां कैंप कर रही है. पुलिस हमलावरों की पहचान कर मामले की जांच में जुट गई है.
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