बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल PMCH (पीएमसीएच) मुझे हर दिन पीटा जा रहा है. यहां के गार्ड कभी मरीजों के परिजनों से तो कभी कुछ पत्रकारों से भिड़ रहे हैं. सबसे बड़ी बात तो यह है कि जांच के नाम पर कोई कार्रवाई नहीं होती. ऐसा लगता है कि अस्पताल अधीक्षक की बात भी कोई नहीं सुनता. इस बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार (निशांत कुमार) बुधवार (17 जून, 2026) को एक बड़ा बयान दिया।
दरअसल, पीएमसीएच में पत्रकारों से मारपीट के मामले को लेकर पत्रकारों ने निशांत कुमार से सवाल किया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “संविधान ने आपको अधिकार दिया है, आप बिल्कुल जाकर रिपोर्ट कर सकते हैं।”
गंभीर बीमारी के लिए ही आएं पटना : निशांत
वहीं निशांत कुमार ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बात की. उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि जहां भी जिला अस्पताल हैं, मेडिकल कॉलेज हैं, अगर कोई बीमारी लेकर आता है तो उसका इलाज वहीं हो…जैसे अपेंडिक्स, पथरी, ऐसी कोई भी बीमारी हो, हम उसका इलाज वहीं (जिले में ही) करने की कोशिश करेंगे. हमने सिविल सर्जन और स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि अगर किसी बीमारी का इलाज नहीं हो सकता है तो उसे पटना भेज दें, चाहे आईजीआईएमएस हो, एम्स हो या पीएमसीएच…”
यह भी पढ़ें- क्या अब गूंजेगा पाटलिपुत्र का नाम? बिहार के सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, ‘मैं…’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ओपन हार्ट सर्जरी, घुटना रिप्लेसमेंट जैसी कोई भी बड़ी बीमारी हो तो पटना आएं. बाकी का इलाज जिले में ही होगा।
जूनियर डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने की बात कही
इस मौके पर निशांत कुमार ने जूनियर डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देने की भी बात कही. निशांत कुमार ने कहा, “…मान लीजिए कि एलएनजेपी (पटना के ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल) में एक ऑर्थोपेडिक सर्जन है, तो हम एमएस करने वाले दूसरे ऑर्थोपेडिक सर्जन को उसके अंडर में ट्रेनिंग दिलवाएंगे. इस तरह हम न्यूरो समेत हर विभाग में ऐसा कराएंगे…” स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा है कि वह जल्द ही औचक निरीक्षण पर निकलेंगे.
यह भी पढ़ें- ‘यूपी में बाबा, बंगाल में दादा, बिहार में सम्राट बैठे हैं’, सीएम की दो टूक, ‘कोई मां का लाल…’





Leave a Reply