आरा एनकाउंटर मामले में भरत तिवारी की मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है. इस मामले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता अश्विनी कुमार चौबे ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दरभंगा में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर युवक ने हथियार डाल दिया था तो उसके बाद जो मुठभेड़ हुई वह पूरी तरह से गलत और अमानवीय थी.
अश्विनी चौबे ने कहा कि कानून के दायरे में ही कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों को न सिर्फ कड़ी सजा दी जानी चाहिए, बल्कि मौत की सजा तक दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया है तो उसकी जान लेना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता.
तेज प्रताप यादव: क्या तेज प्रताप की हत्या की साजिश रची गई थी? देर रात पहुंचे थाने, बोले- ‘चार लोगों ने…’
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री चौबे ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है. उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून का पालन कराना है, कानून को अपने हाथ में लेना नहीं. ऐसी घटनाओं से आम लोगों के बीच गलत संदेश जाता है और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है.
निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
अश्विनी चौबे ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और अगर किसी भी स्तर पर गलती हुई है तो जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की.
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि कोई भी किसी भी परिस्थिति में कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि आरा मुठभेड़ की घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं और पूरे मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है ताकि लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे.
अनुष्का के भाई आकाश के आरोपों पर तेज प्रताप का सनसनीखेज खुलासा, कहा- ‘ये लोग…’





Leave a Reply