बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर अपने आक्रामक अंदाज में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर तीखा जुबानी हमला बोला है. लालू परिवार की सुरक्षा और बंगला विवाद पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने उन्हें ‘सबसे बड़ा खलनायक’ बताया. इसके साथ ही उन्होंने राज्य में सुशासन का दावा करते हुए सरकारी कर्मचारियों को काम में लापरवाही बरतने पर सीधे निलंबन की चेतावनी दी है.
‘पूरे परिवार को चाहिए एक बंगला, 150 पुलिसकर्मी तैनात’
लालू यादव की सुरक्षा और बंगला विवाद पर बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “पूरे परिवार को एक-एक बंगले की जरूरत है. लालू यादव और उनके परिवार की सुरक्षा में 150 पुलिसकर्मी लगे हैं, लेकिन फिर भी वे छाती पीटते हैं कि पुलिस हटा ली गई है. क्या हम बिहार की सारी पुलिस आपको दे दें? फिर अति पिछड़े समुदाय को सुरक्षा कौन देगा? राबड़ी देवी और लालू यादव दोनों के पास बुलेट प्रूफ गाड़ियां हैं. आपको जितनी सुरक्षा चाहिए, मिल गई है.”
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‘खलनायक डर गया, मतलब सुशासन आ गया’
सीएम सम्राट ने तंज कसते हुए कहा कि आज पूरा बिहार लालू यादव से डरा हुआ है कि कहीं वह बाहर आकर कुछ गलत न कर दें. उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा खलनायक डरा हुआ है, इसका सीधा सा मतलब है कि बिहार में सुशासन स्थापित हो गया है. उन्हें एक महीने से (अतिरिक्त) सुरक्षा नहीं मिली है, तो क्या लालू यादव को कुछ हो गया है? वह सुरक्षित रहें, लेकिन ये सभी सिर्फ नौटंकी कर रहे हैं.”
लालू की संपत्तियों की सूची और जमीन कब्जाने वालों को चेतावनी
सीएम सम्राट चौधरी ने लालू परिवार की संपत्तियों पर हमला बोलते हुए कहा, “क्या कोई गिन सका है कि लालू यादव के पास कितने घर हैं? राजा बाजार में एक अलग घर, कौटिल्य नगर में पांच घरों का एक घर, महुआ बाग में एक कब्जा, गोपालगंज में एक कब्जा और दिल्ली में भी एक अलग कब्जा…आखिर आपके पास कितना होगा?”
उन्होंने चेतावनी दी कि 1990 के बाद से जिसने भी पिछड़े वर्ग की जमीन पर कब्जा किया है, उसका इतिहास निकाला जा रहा है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी के पास राजद की कुल ताकत से ज्यादा अतिपिछड़े समुदाय के विधायक हैं.
लापरवाह कर्मचारियों को अल्टीमेटम: ’31वें दिन घर चला जाएगा सस्पेंशन लेटर’
सुशासन और प्रशासन की सख्ती पर बोलते हुए सीएम सम्राट ने सरकारी कर्मचारियों को ’30 दिन का अल्टीमेटम’ दिया. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “मैं सिर्फ तीन नोटिस देता हूं. अगर जनता का काम नहीं हुआ या 30 दिन के अंदर जवाब नहीं दिया गया तो 31वें दिन निलंबन पत्र कर्मचारी के घर पहुंच जाएगा.”
बिहार में 213 डिग्री कॉलेज खुलेंगे
शिक्षा और परीक्षा की चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि नीट मामले में गड़बड़ी करने वाले हर व्यक्ति को चयनित कर जेल में डाल दिया गया है. उन्होंने घोषणा की कि बिहार में 213 नये डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं. उनका लक्ष्य एक साल के भीतर ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जहां लोग मॉडल स्कूलों से नाम कटवाकर अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करा सकें।
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