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बिहार: भीषण गर्मी के बीच शिक्षा विभाग ने जारी किया स्कूलों का नया टाइम टेबल, पढ़ें काम की खबर

बिहार में भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में लागू विशेष ग्रीष्मकालीन समय सारिणी की अवधि 31 मई से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है. 1 जून से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल सोमवार (22 जून) से अपने सामान्य समय यानी सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक खुलने वाले थे, लेकिन बीते रविवार देर शाम मौसम की गंभीरता और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस आदेश में बदलाव करते हुए स्कूल का समय शाम 6:30 से 12:30 बजे तक बढ़ा दिया है.

इस संबंध में शिक्षा विभाग (माध्यमिक शिक्षा कार्यालय) ने सोमवार (22 जून) को नया आधिकारिक कार्यालय आदेश जारी किया है. इस नये पत्र के अनुसार राज्य में भीषण गर्मी के कारण पूर्व के आदेशों में आंशिक संशोधन किया गया है. 30 जून तक राज्य भर के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय सुबह 06:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एक विशेष समय सारिणी के तहत संचालित होंगे।

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घंटी कब बजेगी?

  • ​सुबह 6:30 बजे: स्कूल शुरू होने का समय
  • ​सुबह 6:30 से 7:00 बजे तक: प्रार्थना और अन्य गतिविधियां
  • ​सुबह 7:00 बजे से 7:40 बजे तक: पहली घंटी
  • ​सुबह 7:40 से 8:20 बजे तक: दूसरी घंटी
  • ​सुबह 8:20 से 9:00 बजे तक: तीसरी घंटी
  • ​सुबह 9:00 बजे से 9:40 बजे तक: इस अवधि के दौरान प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) संचालित किया जाएगा।
  • ​सुबह 9:40 से 10:20 बजे तक: चौथी घंटी
  • ​सुबह 10:20 से 11:00 बजे तक: पांचवीं घंटी
  • ​सुबह 11:00 बजे से 11:40 बजे तक: छठी घंटी
  • ​सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक: सातवीं घंटी बजेगी और ठीक 12:20 बजे लड़के और लड़कियों के लिए अवकाश हो जाएगा.
  • ​दोपहर 12:20 से 12:30 बजे तक: प्रधानाध्यापक के स्तर से शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए विषयों की समीक्षा, अगले दिन की कार्य योजना तैयार करना और विद्यार्थियों को दिए गए गृह कार्य की समीक्षा और जांच करना.

​विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण एक साथ भोजन परोसना संभव नहीं है, वहां प्रधानाध्यापक समूह में बांटकर पढ़ाई और भोजन की व्यवस्था संभालेंगे. स्थानीय मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को भी आवश्यक संशोधन करने की अनुमति दी जाएगी।

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