चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात को बेहद अहम बताया. दोनों के बीच मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक सहयोग पर चर्चा हुई. मंगलवार (23 जून, 2026) को नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने इस संबंध में एक बयान जारी किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए एक बयान के मुताबिक
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने नेताओं के बीच हुए महत्वपूर्ण समझौतों को ठोस कदमों के माध्यम से लागू करना चाहिए, ताकि सहयोग के माध्यम से विकास और आधुनिकीकरण को गति दी जा सके, खासकर ग्लोबल साउथ के विकास के संदर्भ में।
वांग ने यह भी कहा कि एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना जरूरी है और संवेदनशील मुद्दों को उचित तरीके से संभाला जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीन-भारत सीमा मुद्दे को इस तरह रखा जाना चाहिए कि इसका असर समग्र द्विपक्षीय संबंधों पर न पड़े.
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उन्होंने दोनों देशों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सच्ची समझ विकसित करने का भी आग्रह किया ताकि जनमत और सामाजिक आधार को मजबूत किया जा सके और संबंधों को बेहतर बनाने में मदद मिल सके। चीन ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत की भूमिका की सराहना की। साथ ही संगठन के विकास और विस्तार के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।
बैठक को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (एमईएस) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।’ मंत्रालय के मुताबिक, दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष जताया. दोनों नेताओं के बीच बातचीत रचनात्मक रही और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
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