जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (प्रशांत किशोर) भरत तिवारी बुधवार (जून 24, 2026) (भरत तिवारी) बिलोटी गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की. महापंचायत में भी शामिल हुए. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दो बड़ी घोषणाएं कीं.
प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं अभी दो घोषणाओं के साथ जा रहा हूं, पहला- सरकार को परिवार के भरण-पोषण की चिंता नहीं करनी चाहिए, हम सब मिलकर जीवन भर उनके भरण-पोषण का ख्याल रखेंगे, हम ही काफी हैं। मैं उन लोगों से अपील कर रहा हूं जो यहां पैसे दे रहे हैं, अगर आप उनकी मदद करना चाहते हैं तो उन्हें न्याय दिलाएं। पैसे की चिंता न करें, हम समाज में ताकत की चिंता करेंगे।”
‘…तो हम भी धरने पर बैठेंगे’
दूसरे ऐलान के बारे में उन्होंने कहा, “अगर 15 दिनों के अंदर उन्हें न्याय नहीं मिला तो हम सम्राट चौधरी से मिलने उनके घर जाएंगे, जरूरत पड़ी तो उनका घेराव भी करेंगे. जो लोग यहां आ रहे हैं, अगर आप सच में उनके साथ हैं तो हम सम्राट चौधरी के यहां जा रहे हैं. जब हम उनसे बात करने के लिए ले जाएंगे तो आप भी जाएं. अगर वह नहीं मिले तो हम धरने पर भी बैठेंगे.”
आरा, बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का कहना है, “…अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो न्यायिक जांच का दायरा स्पष्ट होना चाहिए. अगर गृह मंत्रालय या गृह विभाग की भूमिका इसमें शामिल हो तो…” pic.twitter.com/4OacWkKrdI
– आईएएनएस (@ians_india) 24 जून, 2026
यह भी पढ़ें- ‘जब उसने सरेंडर कर दिया तो उसे क्यों मारा’, जेडीयू ने सीएम सम्राट की पुलिस को लगाई लताड़!
सम्राट चौधरी पर भी हमला हुआ
इस घटना को लेकर प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री ने अब तक शोक का एक शब्द भी नहीं बोला है. इस सरकार ने पहले तो इस मामले को गलत तरीके से संभाला और बाद में जब समाज का दबाव पड़ा तो अब वे छोटे अधिकारियों की बलि देकर अपनी जान बचाना चाहते हैं.
पीके ने कहा कि न्याय का मतलब यह नहीं है कि यहां के डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की जाए, न्याय का मतलब यह है कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिन्होंने पटना में बैठकर उस बच्चे को मारने का आदेश दिया था. जिस न्यायिक जांच की बात हो रही है, अभी तक सरकार ने यह नहीं बताया कि न्यायिक जांच कौन करेगा, न्यायिक जांच कौन करेगा, जो घर पर आया उसकी जांच होगी, जिसने धोखे से गोली मारी या जिसने भेजकर हत्या करायी उसकी जांच होगी.
यह भी पढ़ें- भरत तिवारी केस: रोहिणी का बड़ा सवाल- ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?’






Leave a Reply