बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंत्री बनने के बाद पहली बड़ी कार्रवाई की है. पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को पद से हटा दिया गया है. दरअसल, मंगलवार (23 जून) को निशांत कुमार निरीक्षण के लिए पीएमसीएच पहुंचे थे. इस दौरान डॉ. नरेंद्र प्रताप अस्पताल ड्यूटी से गायब थे।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप सिंह को भी बैठक के लिए बुलाया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. निशांत कुमार पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत 23 जून को पीएमसीएच आये थे.
नरेंद्र प्रताप बिना छुट्टी लिए अनुपस्थित थे
मंत्री निशांत कुमार ने नाराजगी जताते हुए बुधवार (24 जून) को कहा था, ”प्रिंसिपल का फोन नहीं उठाया जा रहा है और उन्होंने अपनी जगह किसी दूसरे अधिकारी को प्रभार नहीं दिया है, गंभीर लापरवाही दिख रही है, पीएमसीएच के प्रिंसिपल पर कार्रवाई की जाएगी.” इसके बाद गुरुवार (25 जून) को प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की गई.
लापरवाही के आरोप में डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई
डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह पर लापरवाही के साथ-साथ कर्तव्य में लापरवाही और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। जांच में पता चला है कि वह कार्यालय समय में अपने निजी क्लिनिक में मौजूद थे. बताया जा रहा है कि पीएमसीएच के प्रिंसिपल पद से हटाए जाने के बाद उनका ट्रांसफर भी कर दिया गया है. उन्हें राजकीय महाविद्यालय, बेतिया में मनोरोग विभाग में प्रोफेसर के पद पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है.
गीता सिन्हा को PMCH के प्रिंसिपल की जिम्मेदारी मिली
नरेंद्र प्रताप सिंह को उनके पद से हटाए जाने के बाद अब पीएमसीएच का प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है. उनकी जगह डॉ. गीता सिन्हा को अतिरिक्त प्रभार देते हुए पीएमसीएच का प्राचार्य बनाया गया है. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.
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