पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (पप्पू यादव) भरत तिवारी एनकाउंटर (भरत तिवारी एनकाउंटर) उन्होंने मामले को लेकर बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. शुक्रवार (जून 26, 2026) को उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला अब सिर्फ एक मुठभेड़ तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यशैली और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरे देश में चर्चा हो रही है. पूर्व पुलिस अधिकारियों ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
सांसद पप्पू यादव ने कहा, “पूरी बीजेपी, ब्राह्मण समाज और पूरे देश के गरीब लोग आज इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं. अभ्यानंद जी (पूर्व डीजीपी) ने कहा है कि अब लोग पुलिस से नफरत करेंगे… अगर वे पुलिस को देखेंगे तो भाग जाएंगे.”
पप्पू यादव ने कहा कि आज पूरे देश में यह सवाल उठ रहा है कि क्या बिहार सरकार संविधान और कानून से ऊपर है? उन्होंने मांग की कि भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करायी जाये.
दिल्ली: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का कहना है, “पूरी बीजेपी, देश भर का ब्राह्मण समाज और गरीब लोग अब इस मुद्दे पर चर्चा करने लगे हैं. यहां तक कि कई पूर्व डीजीपी भी कह चुके हैं कि लोग पुलिस से नफरत करने लगेंगे…अब ऐसा लग रहा है… pic.twitter.com/gHuS2w5lNG
– आईएएनएस (@ians_india) 26 जून, 2026
वीडियो कॉल घटना का जिक्र किया
भरत तिवारी एनकाउंटर पर उन्होंने साफ कहा, “सरकार जानती है कि इसमें स्थानीय एसपी, डीएसपी या थानेदार नहीं, बल्कि पुलिस मुख्यालय शामिल है. पुलिस मुख्यालय से भेजे जाने के बाद उन्हें गोली मारी गई. उन्होंने कहा कि भोजपुर एसपी को वीडियो कॉल पर किसने कहा था कि जब हाथी पागल हो जाता है, तो उसे मारा जा सकता है, तो अगर आदमी पागल है तो क्यों नहीं…”
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. उनके मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर या उन्हें जेल भेजकर पूरे प्रकरण को खत्म करने की कोशिश की जा रही है.
पप्पू यादव ने दावा किया कि इस घटना से विभिन्न सामाजिक वर्गों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोग वर्तमान सरकार को देखना पसंद नहीं करते. उन्होंने कहा कि सरकार बिहार में जातीय उन्माद फैला रही है, इसलिए इस मामले की जांच वर्तमान जज से करायी जाये, नालंदा में हुई मॉब लिंचिंग की जांच करायी जाये.
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