पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान से पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। पीओके के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौड़ ने आसिफ पर तीखा हमला बोला और कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है. उन्होंने रक्षा मंत्री से अपने बयान पर माफी की भी मांग की है.
ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?
विवाद तब शुरू हुआ जब ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि पीओके के रावलकोट और मीरपुर में रहने वाले लोग ‘असली कश्मीरी नहीं’ हैं। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान और पीओके के बीच राजनीतिक विवाद शुरू हो गया.
PoK पीएम का पलटवार
फैसल मुमताज राठौड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इस तरह के बयान लोगों को एकजुट करने के बजाय समाज में और अधिक विभाजन पैदा कर रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस मामले में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री @KhawajaMAsif या किसी अन्य से अपनी पहचान के सत्यापन की आवश्यकता नहीं है। उनके जैसे बूमर और उनकी हरकतें लोगों को करीब लाने के बजाय विभाजन पैदा कर रही हैं।
अपने ऊपर प्रतिक्रिया देखने के बाद…
– फैसल मुमताज राठौड़ (@PMofAJK) 26 जून, 2026
‘बयान के लिए माफी मांगता हूं’
राठौड़ ने कहा कि जब ख्वाजा आसिफ के बयान की आलोचना शुरू हुई तो उन्होंने मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए पीओके सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर रक्षा मंत्री में गरिमा है तो उन्हें अपने मूल बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए और पीओके सरकार को बलि का बकरा नहीं बनाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: 70 हजार जवान, संवेदनशील इलाकों में पिकेट…अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
साथ ही शासन-प्रशासन पर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया
ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान का बचाव करते हुए पीओके की शासन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे. इस पर राठौड़ ने जवाब दिया कि अगर रक्षा मंत्री को अपनी सरकार के कामकाज पर संदेह है तो वह पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से पूछ सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अच्छा काम किया है.
बिलावल भुट्टो ने भी की आलोचना
इस विवाद पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी ख्वाजा आसिफ की आलोचना की. उन्होंने संसद में कहा कि वरिष्ठ मंत्रियों को कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बहुत सोच-समझकर बोलना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपने मंत्रियों पर नियंत्रण रखने की अपील करते हुए कहा, ‘अपने मंत्रियों पर नियंत्रण रखें.’
यह भी पढ़ें: 2014 में जीत के बाद जब प्रणब मुखर्जी से मिले थे पीएम मोदी, तो पूर्व राष्ट्रपति ने पूछा था एक ही सवाल… शर्मिष्ठा मुखर्जी का आलेख
माफी मांगने से इनकार कर दिया
हालांकि, बढ़ते विवाद के बावजूद ख्वाजा आसिफ अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने साफ कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगे. उनका कहना है, ‘मैंने पहले भी माफी नहीं मांगी थी और अब भी माफी नहीं मांगूंगा.’
पाकिस्तान और पीओके के बीच बढ़ा तनाव
पीओके के प्रधानमंत्री द्वारा पाकिस्तान के रक्षा मंत्री पर सार्वजनिक हमला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पाकिस्तान की संघीय सरकार और पीओके प्रशासन के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं. इस विवाद ने दोनों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को भी उजागर कर दिया है.






Leave a Reply