भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील में देरी क्यों? ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर ने बताई ये वजह

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर काफी समय से बातचीत चल रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि ये समझौता अब तक क्यों नहीं हो पाया है. अब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी वजह बताई है और कहा है कि अब दोनों देशों के बीच कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में इस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है.

‘अब कुछ ही मुद्दों पर चर्चा बाकी है’
सर्जियो गोर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक काफी सकारात्मक रही. उन्होंने कहा कि अब ज्यादातर काम समझौते की अंतिम भाषा तैयार करना है, जिस पर दोनों देशों को हस्ताक्षर करना है. उन्होंने कहा कि अब कुछ ही मुद्दे बचे हैं और बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है.

ट्रेड डील में देरी की बताई वजह
गोर ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि व्यापार समझौता करने में इतना समय क्यों लग रहा है, लेकिन ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों में लंबा समय लगना सामान्य है। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका इस समझौते पर करीब डेढ़ साल से काम कर रहे हैं, जबकि अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच ट्रेड डील पर करीब 20 साल से बातचीत चल रही है और वह भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और दोनों देश इसे लेकर काफी सकारात्मक हैं.

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मोदी-ट्रंप की मुलाकात अहम रही
अमेरिकी राजदूत ने फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात को बेहद सकारात्मक बताया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने एक घंटे से अधिक समय तक व्यापार, रक्षा और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. गोरे ने कहा कि इस बैठक में कई ऐसे मुद्दों पर चर्चा हुई, जिससे भविष्य में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले हफ्तों में कुछ बड़ी घोषणाएं भी हो सकती हैं.

भारत की संभावनाओं की सराहना
भारत में अपने छह महीने के अनुभव को साझा करते हुए गोरे ने कहा कि उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और भारत की तेजी से बढ़ती संभावनाओं को करीब से देखा। उनके मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं.

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आईटी, मेडिसिन और डिफेंस सेक्टर पर फोकस रहेगा
सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका फार्मास्युटिकल, आईटी, रक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मिलकर काम कर सकते हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी पहले से ज्यादा मजबूत होगी.

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