भोजपुर जिले के चर्चित भारत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में परिजनों के आरोप लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. अब भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने सीधे तौर पर भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज और जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार पर साजिश रचने और हत्या कराने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद परिवार उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा और दोनों अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा.
सुमन देवी ने कहा कि उनके परिवार का मानना है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत भरत तिवारी की हत्या की गयी है. उनका आरोप है कि भरत के पास कुछ तथ्य और सबूत थे जिनके बारे में एसपी और एसडीएम को जानकारी थी. इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई. उन्होंने कहा कि परिवार अब इस पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करेगा.
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है
सुमन देवी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि शुरू में पुलिस ने तीन गोली लगने की बात कही थी, लेकिन रिपोर्ट में पांच गोली लगने की बात सामने आयी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सास ने घटनास्थल पर तीन गोलियां चलते हुए अपनी आंखों से देखी थीं, जबकि दो अन्य गोलियां बाद में गाड़ी के अंदर लगी थीं. उनके मुताबिक ये कोई मुठभेड़ नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी.
हाईकोर्ट जज की निगरानी में जांच की मांग
उन्होंने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी मांग है कि इस मामले की जांच किसी रिटायर जज से नहीं, बल्कि हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो. उनका आरोप है कि परिवार की सहमति के बिना जांच एक रिटायर जज को सौंप दी गई, जिन पर उन्हें भरोसा नहीं है. उनका कहना है कि अगर प्रशासनिक तंत्र से संबंधित अधिकारियों की जांच करायी जायेगी तो निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती.
बेटे की मौत के बाद मां आशा देवी की तबीयत बिगड़ गई
सुमन देवी ने यह भी कहा कि भरत की मां आशा देवी की तबीयत लगातार खराब रहती है. उनके मुताबिक बेटे की मौत के बाद उन्होंने खाना-पीना लगभग छोड़ दिया है और बार-बार सिर्फ न्याय की मांग कर रही हैं. परिवार का कहना है कि दोषी पाए गए सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
श्राद्धकर्म के बाद मामला हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दस दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. परिवार का कहना है कि 30 जून को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे एक-दो दिन के अंदर हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और पूरे मामले की न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे.
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