भारत भूषण तिवारी का जन्म भोजपुर के बिलौटी गांव में हुआ था. (भारत भूषण तिवारी) एनकाउंटर मामले में एक नया विवाद सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत भूषण तिवारी की याद में प्रस्तावित स्मारक के निर्माण कार्य पर प्रशासन ने रोक लगा दी है.
प्रशासन द्वारा रोक लगाने के पीछे का कारण भूमि विवाद बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, जिस जगह भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ, वहां स्मारक बनाने के लिए निर्माण कार्य शुरू किया गया था. कुछ ईंटें आदि रखी हैं। जो भी आ रहा है वह इस जगह को देखकर ही जा रहा है।
सरकारी जमीन के कारण अटका मामला!
अब इस स्मारक के निर्माण से पहले ही विवाद शुरू हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहपुर अंचल अधिकारी आनंद प्रकाश ने कहा कि जिस जमीन पर स्मारक का निर्माण शुरू किया गया है वह बिहार सरकार की है. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के सरकारी जमीन पर कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता है. यदि ऐसा किया गया तो इसे रोका जाएगा।
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इसका खर्च स्वामी आनंद स्वरूप महाराज उठा रहे हैं
आपको बता दें कि गोली लगने के बाद जहां भरत तिवारी गिरे थे, उस जगह को ईंटों से घेर दिया गया है. यहां की मिट्टी को लोग अपने माथे पर भी लगा रहे हैं. यहां स्मारक बनाया जाना है, जिसके बारे में परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण का पूरा खर्च उत्तराखंड के एक मठ के मालिक आनंद स्वरूप महाराज उठा रहे हैं।
बता दें कि स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने बिलौटी पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी. प्रस्तावित स्मारक स्थल पर प्रतीकात्मक रूप से पहली ईंट भी रखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जमीन संबंधी विवाद सुलझ गया तो स्मारक का निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा.
अब देखना ये है कि इस मामले में आगे क्या होता है. इस घटना के बाद से लगातार भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने की मांग की जा रही है. लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति गुस्सा है.
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