रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की आग एक बार फिर बढ़ने लगी है. सोमवार (6 जुलाई) सुबह-सुबह रूस ने कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 60 लोग घायल हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु रक्षा बलों ने रात भर में 519 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया। यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति द्वारा बड़े पैमाने पर हमले की आशंका की चेतावनी के कुछ घंटों बाद हुआ।
रूस ने इससे पहले गुरुवार (25 जून) को राजधानी पर हमला किया था, जिसमें 31 लोग मारे गए थे. यह राजधानी में इस साल का सबसे घातक हमला था। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बमबारी यूक्रेन के हालिया लंबी दूरी के हमलों का प्रतिशोध था, जिससे ईंधन की गंभीर कमी हो गई और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ गया।
नाटो शिखर सम्मेलन से पहले हुआ हमला
समाचार एजेंसी एपी ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमले में दो आवासीय इमारतों को निशाना बनाया गया. जिसमें 60 लोगों के घायल होने की खबर है. आपातकालीन कर्मचारी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। यह हमला तब हुआ है जब तुर्किये में नाटो शिखर सम्मेलन होना है, जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की भी हिस्सा लेने वाले हैं. शिखर सम्मेलन में ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी मुलाकात हो सकती है.
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ज़ेलेंस्की ने अमेरिका-यूरोपीय सहयोगियों से कड़े फैसले लेने की अपील की
अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से पहले, ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि यूक्रेनी सेना ने ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ नहीं। उन्होंने इस कमी के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की अपर्याप्त आपूर्ति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से यूक्रेन की वायु रक्षा को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए शिखर सम्मेलन से कड़े फैसले लेने की अपील की है।
यूक्रेन में वायु रक्षा का अभाव- वायुसेना प्रवक्ता
यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि रूस ने रात भर में देश पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागीं, जिनमें मुख्य रूप से राजधानी कीव को निशाना बनाया गया। दागी गई 29 बैलिस्टिक मिसाइलों ने अपने लक्ष्यों पर प्रहार किया, जिससे पता चलता है कि यूक्रेन उन्हें रोकने के लिए कितना कम कर सका। वायुसेना के प्रवक्ता यूरी इहनात ने हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए हमें इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत है. रूस इस बात का फायदा उठा रहा है कि यूक्रेन में इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी है।
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