बीजेपी ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी को अपना उम्मीदवार बनाया है. वह कायस्थ जाति से आते हैं और इस सीट से पिछले विधायक नितिन नवीन भी कायस्थ जाति से आते हैं. ऐसे में कायस्थ कार्ड को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. सवाल ये है कि बीजेपी ने सिर्फ अभिषेक कुमार सिन्हा पर ही भरोसा क्यों जताया?
अभिषेक कुमार सिन्हा को टिकट देने के पीछे कई कारण सामने आए हैं. वह पिछले 26-27 वर्षों से पूरे मन से भाजपा से जुड़े हुए हैं। एक साधारण कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. मूल रूप से पटना के बोरिंग रोड निवासी अभिषेक एक साधारण परिवार से आते हैं।
एक नज़र में उनकी संगठनात्मक ज़िम्मेदारियाँ जानें
- वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष हैं।
- पूर्व पटना महानगर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) अध्यक्ष।
- दो बार बोर्ड अध्यक्ष रहे.
- मंडल मंत्री एवं महामंत्री के दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
- वह भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय युवा नेता हैं।
- कायस्थ समाज के सक्रिय सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।
बांकीपुर कायस्थ बहुल इलाका है
सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि जिस सीट पर उपचुनाव हो रहा है वो कायस्थ बाहुल्य सीट है. इस सीट से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विधायक थे और वह भी इसी जाति से आते हैं. नितिन नवीन से पहले उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा विधायक थे. उनके निधन के बाद नितिन नवीन लगातार विधायक बने रहे. कहा जा सकता है कि इस सीट पर करीब 30-31 साल तक कायस्थों का कब्जा रहा है. ऐसे में जातीय समीकरण को देखते हुए बीजेपी ने एक बार फिर कायस्थ पर भरोसा जताया है और अभिषेक कुमार सिन्हा को टिकट दिया है.
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डेटा से कुछ और समझिए
चुनाव आयोग के मुताबिक, बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में 3,79,471 मतदाता वोट डालेंगे. जातिगत आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में कायस्थ समुदाय के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा 14 फीसदी है. यादव आबादी 12 फीसदी है जबकि मुस्लिम आबादी 9 से 10 फीसदी है.
चंद्रवंशी और वैश्य समुदाय की संख्या 9-9 फीसदी है. दलित/महादलित 8 फीसदी, भूमिहार 7 से 8, ब्राह्मण 7, राजपूत 5, कुर्मी 5 और कुशवाह जाति 3 फीसदी है. इस क्षेत्र में ऊंची जाति की संख्या अधिक है.
अगर कायस्थ, ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत को जोड़ लें तो इस इलाके में करीब 33 फीसदी ऊंची जाति के लोग हैं जो बीजेपी के कोर वोटर माने जाते हैं. दलित, कुशवाहा और कुर्मी का वोट भी एनडीए को मिलता है. इसी वजह से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है.
जातीय समीकरण पर नजर डालें तो 55 फीसदी से ज्यादा वोटर बीजेपी के हैं. यही कारण था कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने 51,936 वोटों से जीत हासिल की।
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