US-ईरान युद्ध: अमेरिका ने ईरान को दिलाई छठी की याद! सैन्य ठिकानों के बाद पुल, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे नष्ट कर दिये गये

अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर जोरदार हवाई हमला किया है. इस बार अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने न सिर्फ सैन्य ठिकानों बल्कि ईरान की लाइफलाइन कहे जाने वाले पुलों, रेलवे स्टेशनों और हवाईअड्डों को भी मलबे में तब्दील कर दिया. अमेरिका ने ये हमले ईरान के पश्चिमी प्रांतों से लेकर सुदूर दक्षिण में बलूचिस्तान-सिस्तान प्रांत के हवाई अड्डे और चाबहार बंदरगाह तक किए हैं. इन हमलों में सात ईरानी नागरिकों की जान चली गई है और नौ घायल हो गए हैं. पिछले एक हफ्ते में अमेरिकी हमलों में दर्जनों ईरानी लोगों की मौत हो चुकी है. ईरानी सैनिकों की भी जान गई है और करीब 400 लोग घायल हुए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमला बोल दिया है. अमेरिकी हमले से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई है. पुल टूटने से ईरान के कई शहरों से संपर्क टूट गया है. अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के ईरान के होर्मुज-गान प्रांत में पांच पुलों को निशाना बनाया। यह जानकारी खुद ईरान के प्रांतीय गवर्नर कार्यालय ने दी है।

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अमेरिकी हमले में कौन से पुल नष्ट हो गये?

ईरान के मुताबिक, अमेरिकी हमले ने ईरान के काहोरेस्तान पुल, बंदर अब्बास-खमीर-लार रोड पर गेरिवेह पुल और लतीदान गांव (कलमाताली) के बाद के पुल को निशाना बनाया, जो बंदर अब्बास से खमीर और लार के वापसी मार्ग पर है। काहोरेस्तान-लार रोड पर दो पुल और बंदर ख़मीर-केशर-बंदर अब्बास रोड पर एक अधूरा पुल; ख़मीर काउंटी के मारो गांव में एक पुल भी ध्वस्त हो गया। ऐसे में यह माना जा सकता है कि कुल छह पुल ध्वस्त हो गये. ऐसा करके अमेरिका ने ईरान के बंदर-अब्बास बंदरगाह को पूरे ईरान से काटने की तैयारी कर ली है. ऐसा इसलिए क्योंकि ईरानी नौसेना और आईआरजीसी-नौसेना का मुख्यालय बंदर अब्बास में है। इस बंदर-अब्बास से आईआरजीसी होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।

अमेरिकी हमले से कई इलाकों में बिजली गुल

बंदर-अब्बास से आईआरजीसी-नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों और तेल टैंकरों को निशाना बनाती है। पुलों के अलावा अमेरिका ने ईरानी हवाईअड्डों, संचार टावरों और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. तेहरान के आसपास सेमनान प्रांत, हवाईअड्डे और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर भी हमले का दावा किया जा रहा है. सेमनान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रमों का एक प्रमुख केंद्र है। अमेरिका ने होर्मोज़गन प्रांत में सड़क और रेलवे नेटवर्क को भी निशाना बनाया। दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर पर हुए हमले से हवाईअड्डे को नुकसान पहुंचा है. कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है. ईरान के अहवाज़, क़ेशम द्वीप, बुशहर, दश्ती, बोस्टन, सेरिक और बंदर-ए-लेंगेह में भी कई विस्फोट सुने गए।

ईरान को युद्ध-अपराध का दर्जा दिया गया

ईरान ने इन अमेरिकी हमलों को युद्ध अपराध का दर्जा दिया है. क्योंकि अमेरिका ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला किया है. लेकिन अमेरिका का दावा है कि उसने उस बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है जिसके जरिए आईआरजीसी को कमजोर किया जा सकता है. आईआरजीसी होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों पर हमला क्यों जारी रखता है? यानी अमेरिका किसी भी कीमत पर होर्मुज को ईरान को सौंपने के मूड में नहीं है. ट्रंप ने हाल ही में साफ कहा था कि ईरान के सैन्य अड्डे नष्ट कर दिए गए हैं. इसके बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है. ऐसे में अब ईरान के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाया जाएगा। गुरुवार और शुक्रवार को हुए हमले इसी बात की पुष्टि करते हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका ने दी चेतावनी

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चेतावनी दी है. CENTCOM के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला और सुरक्षित है, लेकिन केवल उन्हीं जहाजों को रोका जा रहा है जो अमेरिका के ‘स्टील वॉल नाकाबंदी’ का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे हैं। सेंटकॉम ने दावा किया कि चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद कुराकाओ-ध्वजांकित एमटी बेल्मा टैंकर को हेलफायर मिसाइल द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे इसे ईरान के खर्ग द्वीप की ओर आगे बढ़ने से रोक दिया गया। ऐसा नहीं है कि ईरान ने अमेरिका के हमलों का जवाब नहीं दिया. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाया है. आईआरजीसी ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसके अलावा आईआरजीसी ने पहली बार सीरिया में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का भी दावा किया है.

ईरानी सेना का दावा

ईरानी सेना ने दावा किया है कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य तैनाती ठिकानों और रसद सहायता केंद्रों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया है। ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा कि हम इतिहास, जन समर्थन, अनुभव और युद्ध की तैयारी के आधार पर पूरी सतर्कता और ताकत के साथ किसी भी दबाव या खतरे का सामना करने के लिए तैयार हैं। जॉर्डन के मुताबिक उसने आसमान में तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है. बहरीन की वायु रक्षा प्रणाली ने भी ईरानी मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।

ईरानी सेना ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फघारी ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है. ज़ुल्फ़गारी ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला जारी रखा, तो ईरान पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले करेगा। हम किसी भी परिस्थिति में और किसी भी तरह से अमेरिका जैसे बाहरी और अतिरिक्त-क्षेत्रीय देश को होर्मुज जलडमरूमध्य में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देंगे। यह ईरान का है और इस पर अधिकार भी ईरान का ही रहेगा. साफ है कि अमेरिका और ईरान के ताजा हमलों के बाद मध्य पूर्व में हालात और खराब हो गए हैं. और इस युद्ध के रुकने की संभावना हार या जीत पर ख़त्म होती नज़र आ रही है.

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