पाकिस्तान के केंद्रीय संचार मंत्री अलीम खान की पार्टी इश्तेकाम पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शरणार्थी सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया है। गठबंधन के तहत, लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा लाहौर में दो तथाकथित शरणार्थी आरक्षित सीटों पर पाकिस्तानी शाहबाज शरीफ की सरकार में संचार मंत्री अलीम खान की पार्टी का समर्थन करेगी। बदले में इश्तेकाम पाकिस्तान पार्टी पीओके की उन सीटों पर लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करेगी, जिन सीटों पर लश्कर अपने दूसरे जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (जेकेयूएम) के नाम पर लड़ रहा है.
गठबंधन की घोषणा लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा के महासचिव और अमेरिका द्वारा घोषित आतंकवादी हमीद उल हसन और इश्तेकाम पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) पंजाब प्रांत के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राणा नजीर अहमद खान ने भी की। इसमें लश्कर की राजनीतिक शाखा के राष्ट्रीय महासचिव खालिद नाइक गुज्जर और लाहौर जिले में आईपीपी के प्रमुख मलिक ज़मान नसीब भी शामिल थे।
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पीओके में 42 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है
पिछले 42 दिनों से पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग उन 12 कथित शरणार्थी सीटों को हटाने की है, जिन पर आईएसआई अपने खास नेताओं और आतंकियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सांसद बनाती है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकी हमीद हसन गुज्जर ने प्रदर्शनकारियों की 12 कथित शरणार्थी सीटों को रद्द करने की मांग का विरोध किया और केंद्रीय संचार मंत्री अलीम खान को धन्यवाद दिया और कहा कि अलीम खान ने कश्मीर के मुद्दे पर बहुत मदद की है.
पाकिस्तान की सरकार में किसकी भागीदारी?
सूत्रों के मुताबिक, केवल 4 सांसदों वाली पार्टी इश्तेकाम पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) के प्रमुख को आईएसआई ने शाहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की केंद्र सरकार में मंत्री बनाया था। क्योंकि अरबपति बिजनेसमैन अलीम खान आईएसआई को उसके प्रोजेक्टों में पैसे से मदद करता था. ऐसे में जिस तरह से आतंकी हमीद उल हसन ने भी कश्मीर में मदद के लिए अलीम खान का शुक्रिया अदा किया है. ऐसे में सूत्रों के मुताबिक, यह अलीम खान द्वारा दी गई आईएसआई की फंडिंग का नतीजा है, जो लश्कर-ए-तैयबा के पास वापस आती है.
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