भोजपुर का भरत तिवारी एनकाउंटर (भरत तिवारी एनकाउंटर) यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा। सम्राट चौधरी (सम्राट चौधरी) मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला ऐसा मामला था, जिससे सरकार की बदनामी हुई. इन सबके बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार (जुलाई 24, 2026) को भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की.
इस मुलाकात के साथ ही एक बड़ी कार्रवाई भी हुई है. भरत तिवारी मुठभेड़ के आरोपी एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को वापस पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है. हाल ही में सरकार ने राजेश कुमार शर्मा को मद्य निषेध विभाग में डीएसपी बनाया था. मुठभेड़ के वक्त भरत तिवारी जगदीशपुर के एसडीपीओ थे.
सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए जगदीशपुर एसडीओ संजीत कुमार को वहां से हटा दिया है. अब संजीत कुमार सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देंगे. भरत तिवारी के मामले में आरोपियों के घेरे में जगदीशपुर एसडीओ संजीत कुमार की भूमिका भी थी.
“स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा।” pic.twitter.com/00Btrcyysl
– सम्राट चौधरी (@samrat4bjp) 24 जुलाई, 2026
सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल से भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, ”दिवंगत भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा.”
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मामले की जांच रिटायर जज कर रहे हैं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पूर्व पोस्ट में न्याय की बात कही है. आपको बता दें कि इस मामले की न्यायिक जांच के लिए पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है. कई गवाहों के बयान दर्ज किये जा चुके हैं. परिवार शुरू से ही इस मामले को फर्जी मुठभेड़ बता रहा है.
घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया था जिसमें दिखाया गया था कि भरत तिवारी ने सरेंडर करते वक्त पुलिस के सामने बंदूक फेंक दी थी. इसके बाद उन्हें पुलिस ने गोली मार दी. हालांकि, जांच के बाद ही चीजें स्पष्ट हो पाएंगी।
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