बिहार पुलिस मुख्यालय ने 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े विभिन्न छात्र संगठनों और छात्र-युवा संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के संबंध में जानकारी जारी करते हुए सोमवार (27 जुलाई, 2026) को बताया कि राज्य भर में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को सत्यापन के बाद रिहा कर दिया गया, जबकि हिंसक घटनाओं में शामिल पाए गए 355 लोगों को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
कई थाना प्रभारी भी घायल हो गये
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जिलों में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी. हिंसा में कुल 91 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं. घायलों में सीवान और सीतामढी के पुलिस अधीक्षक के अलावा दो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी शामिल हैं. कई थाना प्रभारियों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि गांधी मैदान थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
घटना में 13 नागरिक भी घायल हुए हैं
हिंसा के दौरान 14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और एक वाहन में आग लगा दी गई. इसके अलावा 13 नागरिक भी घायल हुए हैं. सारण जिले में हिंसा के दौरान सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गये.
बीडीओ की आंख की रोशनी चली गयी
पुलिस के मुताबिक, उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है और आईजीआईएमएस में उनका इलाज चल रहा है। रिविलगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी पर भी जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आयी. उनकी सर्जरी मेदांता अस्पताल में की गई.
पुलिस के मुताबिक दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है. इस बीच, सीवान में एके-47 फायरिंग मामले पर बिहार पुलिस मुख्यालय ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है. पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई को जेपी चौक के पास प्रदर्शनकारियों से घिरे होने पर सिपाही अभिषेक कुमार ने सरकारी संपत्ति और पुलिस बल की सुरक्षा के लिए हवा में चार राउंड फायरिंग की थी.
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गोली लगने से तीन युवक घायल
पुलिस का दावा है कि इस फायरिंग से भीड़ में से कोई भी घायल नहीं हुआ. मुख्यालय ने बताया कि सिपाही अभिषेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. गोली लगने से तीन युवक घायल हो गए। आरिफ, आकाश कुमार और बुलेट कुमार गौड़ के बयान पर सीवान नगर थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
पुलिस का कहना है कि तीनों युवक जेपी चौक से डेढ़ से दो किलोमीटर दूर अलग-अलग जगहों पर घायल हुए हैं और डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है. इनमें से मो. आरिफ को मेदांता अस्पताल से भी छुट्टी मिल गई है.
एके-47 से चोट की पुष्टि नहीं
सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन झा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एके-47 से गोली चलने से किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि उसी दिन सुबह हुई एक हत्या की जांच के सिलसिले में डीआईयू टीम वहां से गुजर रही थी. पूरे मामले की कमिश्नर और डीआइजी स्तर पर संयुक्त जांच करायी जा रही है, जिसकी रिपोर्ट अभी प्रक्रियाधीन है.
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