PoK चुनाव: सरकार के दबाव में चुनाव आयोग ने बदली तारीखें, अब POJK में 27 जुलाई से तीन चरणों में होंगे मतदान

भारत का अभिन्न अंग माने जाने वाले पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक विवादों और मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने चुनावों से पहले मौतों, गिरफ्तारियों, इंटरनेट शटडाउन और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंधों पर चिंता व्यक्त की थी। इस बीच पाकिस्तान ने 27 जुलाई को एक साथ मतदान के कार्यक्रम में बदलाव कर तीन चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया है.

पाकिस्तान सरकार के दबाव में चुनाव आयोग का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक दलों की मांग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी संगठन इसे संदेह की नजर से देख रहे हैं.

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क्यों बदला गया चुनाव कार्यक्रम?

पहले पीओजेके की सभी सीटों पर 27 जुलाई को मतदान होना था, लेकिन अब तीन चरणों में चुनाव होंगे. पाकिस्तान चुनाव आयोग के मुताबिक सुरक्षा बलों की बेहतर तैनाती सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हो सके और सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाएं. लेकिन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समेत कुछ राजनीतिक दलों ने इस बदलाव का विरोध किया है और पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार उसी दिन चुनाव कराने की मांग की है.

UN ने किन मुद्दों पर जताई चिंता?

संयुक्त राष्ट्र ने चुनाव से पहले पीओजेके में मौतों, हिरासत, इंटरनेट शटडाउन और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध पर चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा, चुनावी प्रक्रिया में मानवाधिकार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।

JAAC ने चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल

इस बीच ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) और अन्य आलोचकों ने भी चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पाकिस्तान में रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटें इस्लामाबाद को पीओजेके की राजनीति में असंगत प्रभाव देती हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और पीओजेके की न्यायपालिका ने इस व्यवस्था को संवैधानिक बताते हुए इन सीटों को खत्म करने की मांग को खारिज कर दिया है।

भारत के लिहाज से क्यों अहम है ये चुनाव?

भारत लगातार कहता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। भारत पहले भी पाकिस्तान द्वारा पीओजेके में कराए गए चुनावों और प्रशासनिक बदलावों को खारिज कर चुका है और उन्हें कोई कानूनी वैधता नहीं देता है।

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