PoK विरोध: PoK में छोटे प्रदर्शनकारी बने आंदोलन की आवाज! हजारों की संख्या में छात्र स्कूल ड्रेस में सड़कों पर उतर आए और आजादी के नारे लगाए

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में रविवार को एक प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, शिक्षक और अभिभावक शामिल हुए. यह प्रदर्शन रावलकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित किया गया था, जिसे हालिया विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र माना जाता है. मौके से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कई बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर और कंधों पर स्कूल बैग लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे. हम अपने हाथों से कौन सी आज़ादी चाहते हैं? इस बेइज्जती के पीछे वजह है वर्दी. ये एफसी-पीसी ना भाई ना ये रेंजर रेंजर, ना भाई ना, वी वांट पीस, खून रंग लाएगा, इंकलाब आएगा जैसे नारे लगा रहे थे।

रावलकोट के ईदगाह मैदान के वीडियो में साफ दिख रहा है कि हजारों की संख्या में बच्चे प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं. विद्रोह के केंद्र में पहुंचे स्कूली बच्चे हर उम्र के हैं। इसमें 4 साल से 16 साल तक के लड़के-लड़कियां हैं जो स्कूल ड्रेस के साथ बैग लटकाकर पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ संघर्ष में शामिल हो रहे हैं और पाकिस्तान को संदेश दिया जा रहा है कि पीओके का भविष्य पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी चाहता है.

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PoK की कठपुतली सरकार का आदेश

पीओके की कठपुतली सरकार ने 10 जुलाई को एक आदेश जारी किया था, जिसकी कॉपी एबीपी न्यूज के पास मौजूद है. इस आदेश में पीओके की कठपुतली सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी स्कूली बच्चा या शिक्षक अवामी एक्शन कमेटी के विद्रोह में शामिल होगा तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये आदेश सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के लिए था. साथ ही, 9 जून के बाद से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे छुट्टी के दिन विद्रोह में शामिल हो रहे हैं या अपने-अपने गांवों में अपने शिक्षकों के साथ मार्च कर रहे हैं. इस पर पीओके की कठपुतली सरकार ने कहा था कि यह उनके संज्ञान में है. इस तरह की हरकत काफी दिनों से चल रही है लेकिन अब इसे बंद कर पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए.

PoK की कठपुतली सरकार का आदेश खारिज

पीओके की कठपुतली सरकार के हर आदेश की तरह स्कूली बच्चों और शिक्षकों के विद्रोह में हिस्सा न लेने और कार्रवाई करने के आदेश को भी छोटे बच्चों ने खारिज कर दिया. इस दौरान रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पाकिस्तानी सरकार को दिखाया कि पाकिस्तान की बर्बर सेना और सरकार के विरोध में पीओके की आने वाली पीढ़ी भी शामिल है.

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