अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है. अमेरिका ने लगातार 10वीं रात तेहरान को निशाना बनाया। उसने कई जगहों पर जानलेवा हमले किए. यूएस सेंट्रल कमांड ने मंगलवार (21 जुलाई) को कहा कि उसने ईरान में कई ठिकानों पर हमला किया है. अमेरिका ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने 900 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में मदद की.
यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा, ‘अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों, समुद्री ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों और वायु रक्षा प्रणालियों पर हमला किया है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर निरंतर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर किया जा सके।’
अमेरिका ने यह भी कहा कि होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही लगातार जारी है. मई की शुरुआत से, CENTCOM बलों ने लगभग 900 वाणिज्यिक जहाजों और 450 मिलियन बैरल कच्चे तेल की आवाजाही को सुरक्षित करने में मदद की है।
ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी
जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने एक भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाया तो उन्हें कई गुना परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने कहा, ‘अगर ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या करता है तो उसे उस हत्या की कई गुना ज्यादा कीमत चुकानी होगी. यह निर्देश युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ चेयरमैन डेनियल केन और हर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को बता दिया गया है.
अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का हमला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के बयान के मुताबिक, उसकी नौसेना ने “ऑपरेशन नस्र-2” के तहत तीन चरणों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया.
ये भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा- ‘असहमति जताना अपराध…’






Leave a Reply