पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की निगाहें एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिक गई हैं. खातम अल-अंबिया मुख्यालय, जो ईरान के युद्ध अभियानों के लिए जिम्मेदार है, ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए “बंद” किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है और कहा है कि जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
ख़तम अल-अनबिया मुख्यालय ने अपनी घोषणा के पीछे अमेरिका के साथ युद्धविराम समझौते की शर्तों के कथित उल्लंघन को कारण बताया है. इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में इजराइल द्वारा लगातार किए जा रहे सीजफायर उल्लंघन, नागरिकों के विस्थापन और सैन्य कार्रवाई को भी इस फैसले का आधार बताया गया है.
🚨 आईआरजीसी नौसेना: लेबनान में इजरायली अपराधों और अमेरिका द्वारा युद्धविराम प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए बंद है। जहाज़ साफ़ रहने चाहिए; जलडमरूमध्य के पास न जाएं, अन्यथा आपकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
– आईआरआईबी (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग) (@iribnews_irib) 20 जून, 2026
इन दावों-प्रतिदावों के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. तीन बड़े भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर बढ़ गए हैं। इन जहाजों में 8.6 लाख टन से ज्यादा कच्चा तेल लदा है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जाता है.
यह भी पढ़ें: अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर केंद्रीय मंत्री गोयल का बड़ा बयान, कहा- ‘समझौता तब तक लागू नहीं हो सकता…’
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को जानकारी देते हुए कहा कि ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’ नाम के तीन भारतीय ध्वज टैंकर 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
सुरक्षित मार्ग सुरक्षित!
3 भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर, देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड, 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल लेकर आज होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर गए हैं और भारत के रास्ते पर हैं।
निर्णायक नेतृत्व में…
– सर्बानंद सोनोवाल (@sarbnandsonwal) 20 जून, 2026
सोनोवाल ने ट्विटर पर लिखा, “तीन भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर… ‘देश वैभव’, ‘देश विभोर’ और ‘सनमार हेराल्ड’, 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ 8.6 लाख टन से अधिक माल लेकर आज होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर गए हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं।”
जानकारी के मुताबिक, ‘देश वैभव’ 24 जून को गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है. ‘देश विभोर’ सिक्का उसी दिन बंदरगाह पर पहुंच सकता है. वहीं ‘सनमार हेराल्ड’ के 1 जुलाई तक ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है.
ऐसे समय में जब ईरान और अमेरिका के दावों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, भारत के तीन तेल टैंकरों द्वारा इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को सुरक्षित पार करना देश के लिए बड़ी राहत और आत्मविश्वास की खबर मानी जा रही है।
यह भी पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति में सुधार हो रहा है! अमेरिकी सेना की देखरेख में 55 व्यापारिक जहाज़ जलमार्ग से पार हुए





Leave a Reply