अमेरिकी हमलों में 14 की मौत, 78 घायल: ईरान का दावा; पांच प्रांतों में बमों की बारिश हुई

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 78 अन्य घायल हो गए हैं. मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान अमेरिका ने ईरान के पांच प्रांतों में हवाई हमले किये. घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है. यह दावा ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है.

युद्धविराम ख़त्म, अमेरिका ने फिर शुरू की सैन्य कार्रवाई
अमेरिका और ईरान के बीच अब सीजफायर टूट गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संघर्ष विराम अब खत्म हो गया है और अगर ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाना जारी रखा तो अमेरिका पहले से भी ज्यादा मजबूती से जवाब देगा.

दक्षिणी ईरान में मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हमले
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार और गुरुवार की रात अमेरिकी नौसेना और जमीनी बलों ने संयुक्त रूप से दक्षिणी ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में मिसाइल सिस्टम, ड्रोन बेस और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा मानता है।

CENTCOM अतिरिक्त हमलों की पुष्टि करता है
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य हमले शुरू किए हैं। अमेरिका का कहना है कि उनका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है।

जहाजों पर हमले के बाद तनाव बढ़ गया
ताज़ा तनाव तब शुरू हुआ जब ईरान पर 6 और 7 जुलाई को होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कम से कम तीन वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों पर हमला करने का आरोप लगा। अमेरिका ने इसे युद्धविराम उल्लंघन बताते हुए 7 जुलाई को दक्षिणी ईरान में 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर सटीक हमला किया। इसके बाद 8 जुलाई को भी हमलों का एक नया दौर जारी रहा।

एयर डिफेंस से लेकर कमांड सेंटर तक लक्ष्य
अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम, आईआरजीसी की फास्ट अटैक बोट और कमांड सेंटर जैसे कई सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।

दक्षिणी तटीय इलाकों में धमाकों की आवाजें
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमले के बाद बंदर अब्बास, कोणार्क और चाबहार समेत दक्षिणी तटीय इलाकों में कई जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी गई. अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है.

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