गरीबों की सुरक्षा के लिए बनाई गई स्वास्थ्य बीमा योजना अस्पतालों को अपने पैसे के लिए महीनों इंतजार करवाकर कायम नहीं रखी जा सकती। हरियाणा सरकार को आयुष्मान भारत भुगतान पर जारी विवाद में इस मूलभूत विरोधाभास को समझना चाहिए। योजना से जुड़े निजी अस्पतालों ने इसका विरोध किया है, जिसके बारे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि लगभग 650 अस्पतालों पर छह महीने से अधिक समय से लगभग 1,200 करोड़ रुपये का बकाया है। 1 सितंबर को आयुष्मान सेवाओं के एक दिन के निलंबन को प्रतीकात्मक बताया गया, लेकिन 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी को खारिज नहीं किया जाना चाहिए।
