बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा है कि राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. इन कैमरों की निगरानी सीधे स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय पटना से की जाएगी. अगर किसी डॉक्टर, नर्स या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं. हाल ही में ड्यूटी से गायब रहने के आरोप में पीएमसीएच के प्रिंसिपल को हटा कर ट्रांसफर कर दिया गया था. अब स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी के लिए सीसीटीवी व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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डॉक्टरों और नर्सों की समय पर उपस्थिति पर नजर रहेगी
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है और यह जल्द ही पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इन कैमरों की निगरानी सीधे पटना स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जायेगी. इन पर वरिष्ठ अधिकारी नजर रखेंगे और वह खुद भी इसकी निगरानी करेंगे.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सबसे बड़ी समस्या यह है कि डॉक्टर और नर्स समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचते हैं. कई जगहों से ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि डॉक्टर और नर्स समय पर नहीं आते हैं. इसलिए, अब सीसीटीवी कैमरों से रोजाना निगरानी की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार विभिन्न स्थानों का दौरा कर रही हैं और भविष्य में भी ऐसा करती रहेंगी.
दवाओं की उपलब्धता पर भी फोकस रहेगा
निशांत कुमार ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है. मरीजों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलें और डॉक्टर समय पर पहुंचकर इलाज करें, इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने अब 504 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. अभी तक 350 दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं, वहीं अब 154 नई दवाएं जोड़ी जाएंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. अधिकारियों को दवाओं की औचक जांच करने का निर्देश दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी संरचना सही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी दवा का स्टॉक खत्म होने वाला है तो इसकी सूचना तुरंत दी जाये, ताकि समय पर दवा उपलब्ध करायी जा सके.
हाईवे पर 100 एंबुलेंस तैनात की जाएंगी
उन्होंने कहा कि यदि ट्रॉमा सेंटर में एक्स-रे या अन्य जांच से संबंधित मशीनें खराब हैं तो इसकी तुरंत जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें जल्द ठीक कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायतें मिलती हैं कि एक्स-रे मशीनें या लैब मशीनें एक साल से अधिक समय तक खराब रहती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं.
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साथ ही निशांत कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है. इसे देखते हुए पूरे बिहार के नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर 100 एंबुलेंस तैनात करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दुर्घटना होने पर घायलों को जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में जल्द ही 11 लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर और 5 लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे.






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