कठुआ (जम्मू-कश्मीर) में एक सहकर्मी द्वारा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के चार कर्मियों की हत्या उन खतरों की याद दिलाती है जो उनके भीतर छिपे हैं। कथित तौर पर अपने बच्चे को कार्यस्थल पर लाने को लेकर हुए विवाद के बाद एक हेड कांस्टेबल ने अपनी सर्विस एके-47 से गोलियां चला दीं। जो स्पष्टतः नियमों पर असहमति के रूप में शुरू हुआ वह हिंसा में बदल गया। इससे इस बात की सावधानीपूर्वक जांच होनी चाहिए कि सशस्त्र संगठनों के अंदर शिकायतों को कैसे संभाला जाता है।
