- ‘बसेरा-2’ अभियान से भूमिहीनों को मिलेगी 3 डिसमिल जमीन.
बिहार सरकार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग लगातार भ्रष्ट और निष्क्रिय अधिकारियों पर नकेल कस रहा है. भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किये गये हैं। कई राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. अब विभाग ने निलंबित अधिकारियों पर नया आदेश जारी किया है, जिसमें निलंबित अधिकारी जो पहले पदस्थापन मुख्यालय में उपस्थित होकर घर चले जाते थे, उन्हें अब ऐसा करने की इजाजत नहीं होगी. अब उन्हें अटेंडेंस के बाद फील्ड में काम करना होगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जयसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अंचल अधिकारियों, कर्मचारियों समेत राजस्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और उन्हें निलंबित किया जा रहा है. इन निलंबित अधिकारियों को अब घर नहीं बैठने दिया जाएगा. निलंबन अवधि के दौरान उनसे भूमि सर्वेक्षण का कार्य लिया जाएगा।
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निलंबित अधिकारियों पर शिकंजा
उन्होंने बताया कि पहले नियम था कि जिस राजस्व अधिकारी को निलंबित किया जाता था, वह अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहता था और उसे आधा वेतन भत्ता मिलता था. ये निलंबित अधिकारी हाजिरी लगाने के बाद घर चले जाते थे, लेकिन विभाग ने इस पर रोक लगा दी है. हालांकि, सरकारी नौकरी के नियमों के मुताबिक निलंबन की प्रक्रिया लागू रहेगी, लेकिन अधिकारी को घर पर नहीं रहना होगा, बल्कि काम भी करना होगा.
अब तक 66 अधिकारियों को सजा
मंत्री दिलीप जयसवाल ने बताया कि इस वर्ष 2026 में अपने काम में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कुल 144 आरोप पत्र प्राप्त हुए हैं, जिसमें 124 अधिकारियों से कारण की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में राजस्व सेवा के कुल 166 अधिकारियों को दंडित किया गया था, वर्ष 2026 में अब तक 66 अधिकारियों को दंडित किया गया है. इनमें से कुल 18 राजस्व अधिकारियों और उनके समकक्ष अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. इनमें से 10 अधिकारी जेल में भी हैं. अगर अन्य निलंबित अधिकारी दोषी पाए गए और उन पर लगे आरोप साबित हुए तो उन्हें भी निलंबित कर दिया जाएगा और उनसे सर्वे का काम ले लिया जाएगा.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाने पर जोर
दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पूरी तरह से स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाना है. हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं और जल्द ही खाली पदों को भरने का काम करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में 3709 राजस्व कर्मचारी कार्यरत हैं जो काफी कम है. उस कमी को दूर करने के लिए विभाग ने 8054 राजस्व कर्मचारियों की बहाली का प्रस्ताव राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजा है. उन्होंने बताया कि जल्द ही दो से तीन महीने के अंदर इसकी अधिसूचना जारी कर दी जायेगी.
विभाग में अमीनों की भारी कमी है.
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सभी मामलों में ग्राम कचहरी के कार्यपालक सहायक की तर्ज पर डाटा एंट्री ऑपरेटर की बहाली पर भी विचार किया जा रहा है, जो संविदा पर बहाल किये जायेंगे. इसके अलावा विभाग में राजस्व मंत्रियों की भी भारी कमी है. कुल 2502 अमीनों की आवश्यकता है, जिनमें से वर्तमान में केवल 1,197 अमीन ही कार्यरत हैं। अमीन के रिक्त पदों पर नियुक्ति की अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से तकनीकी सेवा आयोग, पटना को भेज दी गयी है. इसमें कुल 765 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं.
भूमिहीनों को मिलेगी 3 डिसमिल जमीन
आपको बता दें कि बिहार में राज्य सरकार ने भूमिहीनों को 3 डिसमिल जमीन देने का भी बड़ा फैसला लिया था. दिलीप जयसवाल ने कहा, “भूमिहीनों को 3 डिसमिल जमीन देने पर हम लगातार काम कर रहे हैं. इसके लिए एक अभियान शुरू किया गया है, जिसे ‘बसेरा-2’ नाम दिया गया है. इस अभियान के तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए जमीन दी जाती है.” उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के अनुसार अब तक 1,49,581 भूमिहीन परिवारों में से 71569 भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध करा दी गयी है. विशेष अभियान के तहत इस वर्ष 15 अगस्त तक 30 हजार परिवारों को घर बनाने के लिए भूमि प्रमाण पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है.
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