गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद संभाला था। गंभीर शुरू से ही युवा खिलाड़ियों की वकालत करते रहे हैं। आईपीएल 2026 के बाद ही वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, गुरनूर और सूर्यांश शेडगे समेत कई युवा खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल डेब्यू किया है. लेकिन गंभीर के आने के बाद धीरे-धीरे टीम इंडिया से सीनियर खिलाड़ी गायब होते जा रहे हैं. यहां जानिए उन 3 खिलाड़ियों के बारे में जिनका करियर गंभीर के कोच बनने के बाद लगभग खत्म हो गया है।
मोहम्मद शमी
मोहम्मद शमी 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से टीम इंडिया के लिए नहीं खेले हैं. उसके बाद चयनकर्ताओं ने लगातार शमी को नजरअंदाज किया है. टीम से बाहर होने के बाद शमी ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन के 7 मैचों में 37 विकेट, विजय हजारे ट्रॉफी के 7 मैचों में 15 विकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी 16 विकेट लिए. कुछ समय पहले जब मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शमी फिटनेस के कारण टीम से बाहर हैं, जबकि शमी ने पिछले घरेलू सीजन में 68 विकेट लिए थे.
रवीन्द्र जड़ेजा
रवींद्र जड़ेजा कब भारतीय टीम से गायब हो गए, शायद किसी को पता नहीं चला. उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टी20 फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. इस साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद से जडेजा को न तो टेस्ट और न ही वनडे टीम में देखा गया है. उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और फिर अफगानिस्तान और इंग्लैंड वनडे सीरीज में भी जगह नहीं दी गई.
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मोहम्मद सिराज
पिछले साल तक मोहम्मद सिराज टीम इंडिया के सीनियर गेंदबाजों में से एक रहे, लेकिन अचानक उनका पत्ता टीम से हटा दिया गया है. टी20 और वनडे से गायब, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में खेले. जिस तरह से उन्हें वनडे टीम से नजरअंदाज किया जा रहा है, उससे लगता है कि वह 2027 वर्ल्ड कप की योजना में शामिल नहीं हैं.
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