NEET पेपर लीक मामले पर देशभर में हो रहे भारी विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद विपक्षी नेताओं की लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इसी क्रम में सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने भी सरकार पर निशाना साधा है और आगे की मांग की है.
सांसद पप्पू यादव ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताया. उन्होंने कहा, “सच्चाई, न्याय और संघर्ष की जीत है। अहंकार और 56 इंच के अहंकार की हार है। छात्र-युवा GenZ साथियों जिंदाबाद, प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगनी चाहिए! जेल में बंद सभी छात्र साथियों को रिहा किया जाना चाहिए, GenZ पर अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तभी आंदोलन पूरा होगा।”
पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और जब तक उनकी बाकी मांगें भी पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन पूरा नहीं माना जाएगा.
सत्य, न्याय, संघर्ष की जीत होती है
अहंकार और 56 इंच का अभिमान हार गया
छात्र-युवा GenZ लोग अमर रहें!प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगनी चाहिए!
जेल में बंद सभी विद्यार्थी मित्रों को रिहा किया जाए!
जेनजेड पर अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
तभी आंदोलन पूरा होगा.– राजेश रंजन पप्पू यादव (@pappuyadavjapl) 25 जुलाई, 2026
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अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने इसे जवाबदेही की शुरुआत बताया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पहला कदम है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस पूरे मामले पर जवाबदेही लेनी चाहिए.
कन्हैया कुमार ने कहा कि अभी तो संघर्ष है, आगे और भी लड़ाई है. धर्मेंद्र तो चले गए, अब नरेंद्र की बारी है. उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा कि यह जवाबदेही की शुरुआत है और आने वाले समय में भी संघर्ष जारी रहेगा. उनके बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं.
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विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष इसे छात्र आंदोलन और जनता के दबाव की जीत बता रहा है. विभिन्न विपक्षी दलों के नेता लगातार सरकार से अधिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
वहीं, पप्पू यादव ने छात्रों की रिहाई और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग उठाई है, नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी बयानबाजी इस वक्त तेज होती दिख रही है.






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