डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के 17 देशों पर फोड़ा टैरिफ बम, भारत-पाकिस्तान पर कितना लगाया टैरिफ?

मध्य पूर्व तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने जबरन मजदूरी से जुड़े उत्पादों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले सामान पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है. खास बात ये है कि ट्रंप ने ये फैसला भारत समेत 17 देशों के खिलाफ लिया है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने धारा 301 के तहत यह फैसला लिया है.

अमेरिका का नया टैरिफ शुक्रवार (24 जुलाई) से लागू हो जाएगा। यूएसटीआर के मुताबिक, यह कार्रवाई उन देशों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर सख्त कार्रवाई नहीं की। खास बात यह है कि ट्रंप ने भारत को निचले टैरिफ स्लैब में रखा है, जबकि कुछ देशों पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया है. ट्रंप के आदेश के बाद 60 व्यापारिक साझेदार देशों की समीक्षा की गई.

टैरिफ लगाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेम्सन ग्रीर ने कहा कि इस कदम से मानवाधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथाओं में सुधार की शुरुआत होगी. ट्रंप ने कहा, ‘मुझे व्यापार प्रतिनिधि ने सलाह दी है कि इन अर्थव्यवस्थाओं (देशों) के सामानों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें ऐसे प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।’

भारत और पाकिस्तान समेत किन देशों पर लगाया गया टैरिफ?

भारत के साथ-साथ अमेरिका ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अर्जेंटीना, कंबोडिया, कनाडा, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, मैक्सिको, त्रिनिदाद और टोबैगो और ब्रिटेन पर भी 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। जबकि कई अन्य देशों पर 12.5 फीसदी टैरिफ लगाया गया है.

भारत पर टैरिफ 12.5 प्रतिशत होने वाला था, फिर इसे कम क्यों किया गया?

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाना था, लेकिन श्रम अभ्यास पर अच्छी बातचीत के आधार पर 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है।

यह भी पढ़ें: 26 दिन का अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक का पहला बयान- ‘मैंने…कई शर्तों पर दिया है’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *