बिहार में टेंडर माफिया रिशु श्री मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. पिछले रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए 20 सवाल पूछे थे और आरोप लगाया था कि सरकार रिशु श्री को प्रमोट कर ‘बड़ी मछलियों’ और अधिकारियों को बचा रही है. अब इस मामले पर बिहार सरकार के मंत्री (जेडीयू कोटे से) सुनील कुमार ने तेजस्वी यादव को सख्त सलाह दी है.
मंत्री सुनील कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी है कि पहले सरकार के काम की जानकारी लें उसके बाद ही कोई बयान दें. उनकी ओर से स्पष्ट किया गया कि इस मामले की सारी जानकारी पहले ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी जा चुकी है.
सारण में दोहरे हत्याकांड के गवाह की गोली मारकर हत्या, सड़क पर फूटा गुस्सा, एसआईटी ने संभाली जांच
हर हाल में जेल की हवा खानी पड़ेगी
फिलहाल इस मामले की जांच ईओयू द्वारा की जा रही है. मंत्री ने सख्त लहजे में कहा है कि सरकार इस पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे हर हाल में जेल की हवा खानी पड़ेगी, चाहे इस मामले में कोई भी बड़ा अधिकारी शामिल हो.
जदयू कार्यालय में जनसुनवाई एवं त्वरित समाधान
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जाने के बाद मंत्री सुनील कुमार जदयू कार्यालय पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं. उन्होंने बताया कि जनसुनवाई कार्यक्रम में आने वाली आम लोगों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा रहा है. ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई मुद्दों का भी मौके पर ही समाधान किया गया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति का दावा
तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील कुमार ने यह भी कहा कि जिस मामले पर विपक्ष सवाल उठा रहा है, उस पर सबसे पहले बिहार सरकार ने कार्रवाई की. भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तय किये गये मानकों पर सरकार लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता देख रही है कि भ्रष्ट अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है, इसलिए बिना सोचे-समझे बयान देने से कोई फायदा नहीं होगा.
मुश्किल में फंस गईं राबड़ी देवी! 10 सर्कुलर हटाने से पहले आपने भवन निर्माण विभाग को पत्र क्यों लिखा?






Leave a Reply