पाकिस्तान ने फिर की नापाक हरकत, इशाक डार ने बोला झूठ, भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- आतंकवाद…

पाकिस्तान एक बार फिर वैश्विक मंच पर सिंधु जल संधि का राग अलापता नजर आया. उन्होंने एक बार फिर भारत के खिलाफ झूठ फैलाया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मनीला में आसियान से जुड़ी बैठक में कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया. इस पर भारत ने गुरुवार (23 जुलाई) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस्लामाबाद झूठ फैलाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने के अपने रिकॉर्ड से ध्यान हटाने की कोशिश करता है.

इशाक डार ने आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) के मंत्रियों की बैठक में कहा कि सिंधु जल संधि मुद्दे को बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करके हल किया जाना चाहिए।

भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, ‘भारत पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की निराधार और अवांछित टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करता है।’ उन्होंने कहा, ‘यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पाकिस्तान ने झूठ फैलाने, राज्य समर्थित दुष्प्रचार और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के अपने प्रसिद्ध रिकॉर्ड से ध्यान हटाने के लिए एक बार फिर बहुपक्षीय मंच का इस्तेमाल किया है।’

जयसवाल ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री डार के बयान के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में की. उन्होंने कहा, ‘केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे. पाकिस्तान को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.

जयसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत अपने रुख पर कायम है. भारत ने पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादी हमले के तुरंत बाद सिंधु जल संधि को निलंबित करने सहित कई मजबूत राजनयिक और आर्थिक कदम उठाए थे, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “पाकिस्तान द्वारा कायरतापूर्ण पहलगाम हमले सहित सीमा पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने के जवाब में, सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है।”

क्या आतंकवाद ख़त्म होने के बाद ही पाकिस्तान को मिलेगा पानी?

जयसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान ‘विश्वसनीय और ठोस रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन नहीं छोड़ देता।’ उन्होंने कहा कि भारत ने “आधिकारिक तौर पर प्रायोजित गलत सूचना” फैलाने में पाकिस्तान की कार्रवाइयों की भी कड़ी निंदा की है, जिसे अक्सर ‘फितना-अल-हिंदुस्तान’ जैसे धार्मिक शब्दों में पेश किया जाता है।

जयसवाल ने कहा, ‘यह पाकिस्तानी प्रतिष्ठान द्वारा अपने आंतरिक संकटों और वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगाह के रूप में अपनी सिद्ध भूमिका से ध्यान हटाने का एक निरर्थक प्रयास है।’ उन्होंने कहा, ‘अपने पड़ोसियों पर उंगली उठाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग करने के बजाय, पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपनी धरती पर आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दे और अपना घर व्यवस्थित कर ले।’

इनपुट- पीटीआई

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