‘पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं’, रावलकोट में हजारों की भीड़ ने तालियां बजाकर किया समर्थन, राशन रोकने पर भारत से उम्मीद

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एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित

  • मुजफ्फराबाद आजाद होगा, ये बगावत जारी रहेगी.

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सोमवार (जून 29, 2026) को एक बार फिर पीओके की आजादी की मांग उठी और कहा गया कि पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। साथ ही, जिस तरह से पीओके में दो हफ्ते से खाद्य आपूर्ति बंद कर दी गई थी, उसे लेकर आज प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर पाकिस्तानी सरकार को चेतावनी देते हुए भारत से मदद मांगने का संकेत दिया.

विरोध प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में से एक सरदार अमन खान ने कहा कि पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है. राशन रोके जाने पर सरदार अमन खान ने कहा कि पीओके में एलओसी पर टेट्रिनॉट कंट्रोल लाइन के पास लोग धरने पर बैठे हैं. ऐसे में अमन खान ने भारत से मदद मांगने का संकेत देते हुए कहा कि ऐसा न हो कि कश्मीर की बाकी सीमाएं खुल जाएं और फिर पाकिस्तान पीओके के लोगों से गुहार लगाए.

पाक अधिकृत कश्मीर नहीं चाहिए पाकिस्तान- अमन खान

अमन खान ने यह भी साफ किया कि PoK को पाकिस्तान की जरूरत नहीं है, बल्कि इसके उलट पाकिस्तान को PoK की जरूरत है. सरदार अमन खान ने जैसे ही कहा कि पीओके पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है, हजारों की भीड़ ने तालियां बजाकर उनकी बात का समर्थन किया. उन्होंने आगे कहा कि मुजफ्फराबाद एक दिन जरूर आजाद होगा. पीओके में चल रहा ये विद्रोह न तो रुकेगा और न ही ख़त्म होगा.

प्रदर्शनकारी तीन हफ्ते से पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ डटे हुए हैं

रावलकोट के ईदगाह मैदान पर बैठे प्रदर्शनकारी 38 मांगों को लेकर पिछले तीन हफ्ते से दिन-रात डटे हुए हैं और हर दिन पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी की मांग कर रहे हैं. 5 जून से इंटरनेट बंद है, लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों की आवाज दुनिया तक पहुंच रही है और विदेशों में रहने वाले कश्मीरी भी पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में देखना यह है कि पीओके में जारी इस विद्रोह का अगला चरण क्या होगा?

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